शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल 2015 के बहबल कलां मामले में एसआईटी के समक्ष पेश नहीं हुए

शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल 2015 के बहबल कलां मामले में एसआईटी के समक्ष पेश नहीं हुए

शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल 2015 के बहबल कलां मामले में एसआईटी के समक्ष पेश नहीं हुए
Modified Date: September 11, 2026 / 02:52 pm IST
Published Date: September 11, 2026 2:52 pm IST

चंडीगढ़, 11 सितंबर (भाषा) शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पंजाब में 2015 के बहबल कलां पुलिस गोलीबारी मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) के समक्ष शुक्रवार को पेश नहीं हुए और उन्होंने इसके लिए स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला दिया है।

एसआईटी ने बादल को सेक्टर-32 स्थित पंजाब पुलिस अधिकारी संस्थान (पीपीओआई) में पेश होने के लिए समन भेजा था। बादल ने अब 30 सितंबर के बाद की तारीख देने का अनुरोध किया है।

शिअद के नेता परमबंस सिंह बंटी रोमाना ने पार्टी नेता अर्शदीप सिंह कलेर की मौजूदगी में यहां संवाददाताओं से कहा कि पिछले माह महाराष्ट्र के नांदेड़ में हुए हमले में बादल घायल हो गए थे और उन्हें चिकित्सकीय जांच के लिए जाना है।

रोमाना ने कहा कि बादल ने ई-मेल के जरिए एसआईटी को अपनी असमर्थता की जानकारी दे दी थी।

उन्होंने कहा कि बादल पहले भी एसआईटी से लिखित प्रश्नावली देने का अनुरोध कर चुके हैं और इस मांग को एक बार फिर दोहराया गया है।

रोमाना ने कहा, ‘‘यह जानते हुए भी कि ये एसआईटी राजनीतिक रूप से पक्षपातपूर्ण हैं, हम हर चरण में सहयोग कर रहे हैं… हम उनसे लिखित में सवाल देने को कह रहे हैं। वे लिखित प्रश्नावली देने से क्यों डर रहे हैं?’’

नांदेड़ शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक गुरुद्वारे में 13 अगस्त को एक निहंग ने कृपाण से बादल पर हमला किया था, जिसमें उनके दाहिने हाथ में चोट लग गई थी। हमलावर को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

बादल इससे पहले 20 जुलाई को एसआईटी के समक्ष पेश हुए थे।

वर्ष 2015 में फरीदकोट के बुर्ज जवाहर सिंह वाला गुरुद्वारे से गुरु ग्रंथ साहिब की एक प्रति चोरी होने, बरगाड़ी और बुर्ज जवाहर सिंह वाला में बेअदबी से जुड़े हाथ से लिखे पोस्टर लगाए जाने तथा बरगाड़ी में पवित्र ग्रंथ के अंग (पन्ने) फटे हुए पाए जाने की घटनाएं हुई थीं।

इन घटनाओं के विरोध में अक्टूबर 2015 में फरीदकोट के कोटकपूरा में व्यापक प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की गोलीबारी में बहबल कलां में दो लोगों गुरजीत सिंह व कृष्ण भगवान सिंह की मौत हो गई थी और कुछ लोग घायल हुए थे।

उस समय पंजाब में अकाली दल की सरकार थी। दिवंगत प्रकाश सिंह बादल मुख्यमंत्री थे, जबकि उनके बेटे सुखबीर सिंह बादल उपमुख्यमंत्री होने के साथ-साथ गृह विभाग का जिम्मा भी संभाल रहे थे।

भाषा खारी नरेश

नरेश


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