नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रीय राजधानी के साकेत इलाके में स्थित उस बहुमंजिला इमारत के मालिक को मंगलवार को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया, जिसके ढह जाने से छह लोगों की मौत हो गई थी।
न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) निर्मला सिंह ने दिल्ली पुलिस की उस अर्जी पर सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया, जिसमें इमारत के 71 वर्षीय मालिक करबीर सेजवाल की पांच दिन की हिरासत का अनुरोध किया गया था।
हालांकि, न्यायमूर्ति सिंह ने मामले की जांच के लिए पुलिस को सेजवाल की तीन दिन की हिरासत सौंपी।
पुलिस ने अपनी अर्जी में दलील दी थी कि सेजवाल इमारत के मालिक हैं और स्वामित्व के रिकॉर्ड को सत्यापित करने तथा फरार आरोपियों का पता लगाने के लिए उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जरूरत है।
जांच अधिकारी ने अदालत से कहा कि पहले भी एक बिल्डर ने उस जगह पर कथित तौर पर अवैध निर्माण किया था और सेजवाल उसके बारे में जानते हैं।
पुलिस ने कहा कि वह संबंधित बिल्डर का पता लगाना चाहती है और उन कारणों की जांच करना चाहती है, जिनके चलते इमारत गिरी।
पुलिस ने कहा, “वह (सेजवाल) इमारत के मालिक हैं… हमें मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज देखने होंगे। उसके अलावा, अन्य आरोपी फरार हैं।”
उसने कहा, “पिछले बिल्डर ने भी अवैध निर्माण किया था। मालिक उसका नाम जानता है… हम उसे ढूंढना चाहते हैं।”
सेजवाल के वकील राजीव मोहन ने पुलिस की अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा-105 के तहत दर्ज किया गया है, जो गैर-इरादतन हत्या से संबंधित है और उनके मुवक्किल के खिलाफ अभी तक कोई सबूत सामने नहीं आया है।
साकेत मेट्रो स्टेशन के पास सैद-उल-अजैब इलाके में स्थित इमारत 30 मई को ढह गई थी, जिससे छह लोगों की मौत हो गई थी और आठ अन्य घायल हो गए थे।
पुलिस के मुताबिक, इमारत में एक कोचिंग संस्थान, कैफे और कार्यालय थे। उसने बताया कि जिस समय इमारत ढही, उस समय इसकी सबसे ऊपरी मंजिल पर निर्माण कार्य चल रहा था।
पुलिस ने सोमवार को मामले की जांच के तहत सेजवाल को गिरफ्तार किया था। वह इस बात की जांच कर रही है कि क्या इमारत संरचनात्मक उल्लंघन या अनधिकृत निर्माण के कारण गिरी।
भाषा पारुल माधव
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