संगरूर लोकसभा उपचुनाव: पंजाब में सत्ता में आने के बाद ‘आप’ का पहला बड़ा चुनावी मुकाबला

Ads

संगरूर लोकसभा उपचुनाव: पंजाब में सत्ता में आने के बाद ‘आप’ का पहला बड़ा चुनावी मुकाबला

  •  
  • Publish Date - June 22, 2022 / 03:41 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:14 PM IST

चंडीगढ़, 22 जून (भाषा) पंजाब की संगरूर लोकसभा सीट के लिए बृहस्पतिवार को उपचुनाव होना है जिसमें सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) विधानसभा चुनाव में अपने शानदार प्रदर्शन के बाद लोकप्रियता की पहली परीक्षा का सामना कर रही है।

यह चुनाव ऐसे समय हो रहा है जब कानून-व्यवस्था के मुद्दे और गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या को लेकर आप विपक्ष की तीखी आलोचना का सामना कर रही है।

आम आदमी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनाव में संगरूर लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली विधानसभा की सभी नौ सीट पर जीत दर्ज की थी और वह लोकसभा चुनाव में भी इस प्रदर्शन को दोहराने की कोशिश में है। हालांकि कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के उम्मीदवार यहां उलटफेर की कोशिश में हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यहां व्यापक प्रचार किया और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ सोमवार को रोड शो भी किया तथा मतदाताओं से पार्टी प्रत्याशी गुरमेल सिंह को चुनने का आग्रह किया। सिंह पार्टी के संगरूर जिला प्रभारी भी हैं।

मान ने भरोसा व्यक्त करते हुए कहा, “संगरूर के क्रांतिकारी लोग एक बार फिर आम आदमी को वोट देंगे और आप के गुरमेल सिंह प्रचंड बहुमत से उपचुनाव जीतेंगे।”

संगरूर में चुनाव प्रचार के दौरान मान ने कहा कि विपक्ष के विपरीत, आम आदमी पार्टी युवाओं को रोजगार प्रदान करने, स्कूलों और अस्पतालों को विकसित करने, भ्रष्टाचार और माफिया तत्वों को खत्म करने, फिर से “रंगला (जीवंत) पंजाब” का मार्ग प्रशस्त करने जैसे मुद्दों पर उपचुनाव लड़ रही है।

इस सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार मंगलवार शाम को खत्म हुआ।

मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने धूरी के पूर्व विधायक दलवीर सिंह गोल्डी को उपचुनाव में उतारा है, जबकि भाजपा ने बरनाला के पूर्व विधायक केवल ढिल्लों को मैदान में उतारा है, जो चार जून को पार्टी में शामिल हुए थे।

शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के प्रमुख सिमरनजीत सिंह मान भी चुनावी मैदान में हैं।

शिअद ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी बलवंत सिंह राजोआना की बहन कमलदीप कौर को प्रत्याशी बनाया है।

भगवंत मान के धूरी से 20 फरवरी को हुए विधानसभा चुनाव लड़ने और जीतने के बाद संगरूर लोकसभा सीट खाली हुई थी।

मान ने 2014 और 2019 में संगरूर लोकसभा सीट से चुनाव जीता था और धूरी सीट से विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।

कांग्रेस, भाजपा और शिअद ने चुनाव प्रचार के दौरान राज्य में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और पंजाबी गायक मूसेवाला की हत्या के मुद्दे पर प्रदेश की आप सरकार पर निशाना साधा।

कानून-व्यवस्था की स्थिति के अलावा विपक्ष ने “वादे पूरे न करने” को लेकर भी आप सरकार की आलोचना की।

कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा था कि संगरूर उपचुनाव राज्य में आप के लिए एक चेतावनी होगा और वह पंजाब के लोगों को हल्के में नहीं ले सकती।

गोल्डी ने प्रचार अभियान के दौरान कहा कि निर्वाचित होने पर वह संसद में पुरजोर तरीके से लोगों की आवाज उठाएंगे और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए काम करेंगे।

वहीं, भाजपा के केवल ढिल्लों ने कहा कि लोगों ने आप को बड़ा जनादेश दिया, लेकिन पार्टी लोगों को सुशासन देने में विफल रही।

शिअद ने सिख कैदियों का मुद्दा उठाया और उम्रकैद की सजा पूरी होने के बाद जेलों में बंद लोगों को रिहा करने की मांग की है।

संगरूर लोकसभा क्षेत्र में 15,69,240 पात्र मतदाता हैं जिनमें 8,30,056 पुरुष, 7,39,140 महिलाएं और 44 ट्रांसजेंडर हैं। कुल 16 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनमें 13 पुरुष और तीन महिलाएं हैं।

कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक होगा और मतगणना 26 जून को होगी।

भाषा

प्रशांत नेत्रपाल

नेत्रपाल

ताजा खबर