नई दिल्लीः Sanjay Singh in Parliament Speech: देश की संसद में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों का संरक्षण (संशोधन) विधेयक को लेकर राज्यसभा में तीखी बहस देखने को मिली। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने इस बिल का विरोध करते हुए इसे सेलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग की। सांसद संजय सिंह ने चर्चा के दौरान कहा कि जिस समुदाय के लिए कानून बनाया जा रहा है, उससे पहले उनकी राय लेना जरूरी है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त परामर्श के इस तरह का महत्वपूर्ण विधेयक लाया जा रहा है।
संजय सिंह ने अपने संबोधन में राम वनगमन से जुड़े किन्नर समाज के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को इस समुदाय की भावनाओं और अधिकारों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार किस समाज से टकराव मोल लेना चाहती है। इसके साथ ही उन्होंने किन्नर समाज के कल्याण के लिए किए गए बजट आवंटन और खर्च के आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार इस समुदाय के साथ विश्वासघात कर रही है और देशभर का किन्नर समाज इसका विरोध करेगा। संजय सिंह ने मांग दोहराई कि विधेयक को पहले सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए, ताकि सभी पक्षों की राय लेकर इसे और बेहतर बनाया जा सके।
Sanjay Singh in Parliament Speech: सांसद ने सरकार के दावों की हवा निकालते हुए बजट के आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि साल 2021-22 में 20 करोड़ रुपये आवंटित हुए लेकिन खर्च मात्र 1.91 करोड़ हुए। इसी तरह 2024-25 में 68 करोड़ के बजट में से केवल 5 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए। सिंह ने पूछा कि जब पैसा खर्च ही नहीं करना था तो यह दिखावा क्यों? उन्होंने कहा कि सरकार केवल कागजों पर कल्याण की कहानी सुना रही है, जबकि हकीकत में प्रतिशत का आंकड़ा बेहद शर्मनाक है। यह किन्नर समाज के उत्थान के नाम पर केवल एक छलावा है।
संजय सिंह ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि इन्होंने नोटबंदी, गैस और राशन के लिए पूरे देश को लाइन में खड़ा कर दिया। अब एक ट्रांसजेंडर को अपनी पहचान साबित करने के लिए अधिकारियों के सामने लाइन में लगना होगा। उसकी जांच की जाएगी और उसे अपमानित किया जाएगा। उन्होंने लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी, मधु किन्नर और जोयिता मंडल जैसे दिग्गजों का नाम लेते हुए कहा कि इस समाज ने देश का नाम रोशन किया है। ऐसे में उनकी बेइज्जती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सदन में तीखे लहजे में कहा कि कुछ लोग शराब और सिगरेट के नशे में आकर ऐसी बातें करते हैं, जो नैतिकता के खिलाफ हैं।
संजय सिंह ने सदन में बीजेपी नेताओं के आचरण पर सीधा हमला बोलते हुए गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने सत्तापक्ष के उन बयानों पर कड़ा ऐतराज जताया, जिनमें किन्नर समाज के लोगों के लिए ‘शराब और सिगरेट’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। सिंह ने पलटवार करते हुए पूछा कि क्या बीजेपी के लोग दूध के धुले हैं और क्या वे नशा नहीं करते? इस तीखी बहस के बीच चेयर पर मौजूद डॉक्टर दिनेश शर्मा ने उन्हें टोकते हुए अपनी बात समाप्त करने को कहा। हालांकि, संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी व्यक्तिगत रूप से दिनेश शर्मा के लिए नहीं थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि तिरुचि शिवा के ऐतिहासिक बिल को लोकसभा में पलटकर सरकार ने अपनी मंशा साफ कर दी है। अंत में उन्होंने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि बिना सेलेक्ट कमेटी की समीक्षा के इस बिल को पास करना किन्नर समाज के साथ अन्याय होगा।
मोदी सरकार किसी को भी नही छोड़ेगी।
किसान खाद की लाइन में।
जवान अग्निवीर की लाइन में।
महिलायें गैस की लाइन में।
देश नोटबंदी और करोना की लाइन में।
अब किन्नर इज्जत उतरवाने की लाइन में उनकी मेडिकल जाँच होगी।
किन्नरों का श्राप मत लो मोदी इनको भगवान श्री राम का आशीर्वाद प्राप्त है। pic.twitter.com/VhbvuT6O4v— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) March 25, 2026
इन्हें भी पढ़ें:-