संतोष देशमुख हत्या: अदालत ने आरोपी को अपने भाई के श्राद्ध कर्म में शामिल होने की अनुमति दी

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संतोष देशमुख हत्या: अदालत ने आरोपी को अपने भाई के श्राद्ध कर्म में शामिल होने की अनुमति दी

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  • Publish Date - March 8, 2026 / 08:21 PM IST,
    Updated On - March 8, 2026 / 08:21 PM IST

बीड, आठ मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के बीड जिले की एक अदालत ने सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के आरोपी जयराम चाटे को अपने भाई के श्राद्ध कर्म में शामिल होने की खातिर कुछ घंटों के लिए जेल से बाहर आने की अनुमति दे दी।

चाटे, दिसंबर 2024 में जिले के मस्साजोग सरपंच के अपहरण और हत्या में संलिप्तता के आरोप में पिछले 14 महीनों से जेल में बंद है।

अदालत के आदेश के अनुसार, चाटे को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच कड़ी पुलिस सुरक्षा में जेल से बाहर जाने की अनुमति दी गई, ताकि वह अपने छोटे भाई श्रीराम चाटे के श्राद्ध कर्म में शामिल हो सके, जिसकी दो मार्च को स्वास्थ्य कारणों से मृत्यु हो गयी थी।

चाटे के वकील ने जिला एवं सत्र न्यायालय में विशेष अर्जी दायर कर उसे इस संस्कार में शामिल होने की अनुमति देने का आग्रह किया था। हालांकि सहायक सरकारी वकील बालासाहेब कोल्हे ने इसका विरोध किया, लेकिन अदालत ने मानवीय आधार पर चाटे को राहत दी।

अदालत के आदेश के अनुसार, यात्रा और यात्रा की अवधि के दौरान पुलिस सुरक्षा का खर्च आरोपी को स्वयं वहन करने को कहा गया।

इस बीच, देशमुख के परिवार ने चाटे को दी गई अनुमति पर आपत्ति जताई है। संतोष देशमुख के भाई धनंजय देशमुख ने कहा कि श्राद्ध कर्म के बहाने चाटे के अपने गांव आने से कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है।

उन्होंने पूछा, ‘‘यात्रा के दौरान कोई अप्रिय घटना होने पर कौन जिम्मेदार होगा?’’

आरोप है कि देशमुख की हत्या उनके क्षेत्र में एक पवन ऊर्जा कंपनी से जबरन वसूली के प्रयास का विरोध करने के कारण की गई थी।

महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और राकांपा नेता धनंजय मुंडे का करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड मामले में मुख्य आरोपी है।

भाषा सुभाष अविनाश

अविनाश