न्यायालय ने आयोग से महाराष्ट्र के स्थानीय निकायों के लिए जरूरी संसाधन की जानकारी देने को कहा
न्यायालय ने आयोग से महाराष्ट्र के स्थानीय निकायों के लिए जरूरी संसाधन की जानकारी देने को कहा
नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग से कहा कि वह राज्य में बाकी बचे स्थानीय निकाय चुनावों को पूरा करने के लिए जरूरी संसाधनों और मानव संसाधन के बारे में जानकारी दे।
शीर्ष अदालत ने अगली सुनवाई के लिए याचिका को शुक्रवार के लिए सूचीबद्ध करते हुए कहा कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के आधार पर 20 जिला परिषदों सहित अन्य चुनावों को अगले साल तक टाला नहीं जा सकता।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ वकील बलबीर सिंह से स्पष्ट करने को कहा कि क्या एसआईआर प्रक्रिया में लगे अधिकारियों को लंबित चुनाव कराने के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है।
सुनवाई के दौरान, पीठ ने कहा कि महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय के ज्यादातर चुनाव पहले ही बिना संशोधित मतदाता सूची के आधार पर कराए जा चुके हैं और सवाल किया कि बाकी चुनाव उसी आधार पर क्यों नहीं हो सकते।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘इन चुनावों के लिए फरवरी-मार्च तक इंतजार नहीं किया जा सकता। हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपको पर्याप्त मानव बल और साजो-सामान संबंधी सहयोग मिले। बस कुछ ही संस्थान बचे हैं।’’
सिंह ने बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है और अक्टूबर में पूरी होगी क्योंकि पूरा चुनाव तंत्र अभी इस प्रक्रिया में लगी हुई है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों के लिए अधिकारियों को हटाना मुश्किल होगा क्योंकि निर्वाचन आयोग ने पहले ही पुनरीक्षण प्रक्रिया के लिए अधिकारियों को नियुक्त कर दिया है।
न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव निर्वाचन आयोग के तहत नहीं कराए जाते हैं।
न्यायाधीश ने कहा कि जरूरी सहयोगी मांगना राज्य निर्वाचन आयोग का काम है। उन्होंने आयोग को आवश्यक साजो-सामान संबंधी सहायता के बारे में निर्देश प्राप्त करने का आदेश दिया और मामले को शुक्रवार के लिए सूचीबद्ध किया।
भाषा वैभव नरेश
नरेश

Facebook


