सुप्रीम कोर्ट ने गवाह संरक्षण योजना के ड्राफ्ट को दी मंजूरी, बनेगा कानून

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सुप्रीम कोर्ट ने गवाह संरक्षण योजना के ड्राफ्ट को दी मंजूरी, बनेगा कानून

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  • Publish Date - December 5, 2018 / 03:06 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:33 PM IST

नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार द्वारा तैयार गवाह संरक्षण योजना के ड्राफ्ट पर मुहर लगा दी है। जब यह ड्राफ्ट संसद से पास होने के बाद जब कानून बन जाएगा तो इसे जम्मू- कश्मीर के अलावा सभी राज्यों को लागू करना होगा। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एके सीकरी की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि उसने इस योजना के ड्राफ्ट में कुछ बदलाव किए हैं, जो केंद्र द्वारा राज्यों के परामर्श से तैयार किए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को आसाराम बापू से बलात्कार के मामले में गवाहों की सुरक्षा मांगने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हो रही थी। मामले की पिछली सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि उसने एक गवाह सरंक्षण योजना तैयार की है, जिसे निश्चित समय में कानून में बदल दिया जाएगा। सरकार ने कहा था कि तब तक सुप्रीम कोर्ट राज्यों से इस मसौदे का पालन करने के लिए कह सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से कहा कि जब तक कि इसे कानून नहीं बनाया जाता तब तक वे गवाह संरक्षण योजना के मसौदे का पालन करें।

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दरअसल सरकार द्वारा प्रकाशित पिछले मसौदे के मुताबिक गवाह संरक्षण योजना आपराधिक मामलों में जो भी लोग एक गवाह के तौर पर पेश होते हैं उनकी सुरक्षा को लेकर था। कुछ अन्य सुरक्षात्मक उपायों में ई-मेल और फोन कॉल की निगरानी, फोन नंबर में परिवर्तन, गवाह के घर पर सीसीटीवी कैमरे लगाना और पहचान को छुपाना शामिल है। बहुत ही असाधारण मामलों में सरकार गवाह की पहचान बदलने में भी मदद कर सकती है।

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