एससी-एनबीडब्ल्यूएल ने लुप्तप्राय प्रजातियों की सूची में ‘पिग्मी हॉग’ को शामिल करने की सिफारिश की
एससी-एनबीडब्ल्यूएल ने लुप्तप्राय प्रजातियों की सूची में ‘पिग्मी हॉग’ को शामिल करने की सिफारिश की
नयी दिल्ली, 31 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति (एससी-एनबीडब्ल्यूएल) ने जंगली सूअर की सबसे छोटी और दुर्लभ प्रजाति ‘पिग्मी हॉग’ को केंद्र सरकार की योजना के तहत गंभीर रूप से लुप्तप्राय प्रजातियों की सूची में शामिल करने की सिफारिश की है।
‘एकीकृत वन्यजीव पर्यावास विकास’ (आईडीडब्ल्यूएच) नामक यह योजना गंभीर रूप से संकटग्रस्त प्रजातियों और उनके पर्यावासों के पुनर्प्राप्ति कार्यक्रम के माध्यम से कुछ खास प्रजातियों या वन्यजीव क्षेत्रों की रक्षा के लिए राज्यों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
एससी-एनबीडब्ल्यूएल ने नौ जुलाई को अपनी एक बैठक में यह निर्णय लिया। इस बैठक में ‘वाइल्डलाइफ़ इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया (डब्ल्यूआईआई)’ ने देश में ‘पिग्मी हॉग’ की स्थिति सामने रखी थी।
डब्ल्यूआईआई ने असम में किए गए सफल संरक्षण प्रयासों को प्रमुखता से सामने रखा और कहा कि इस कार्यक्रम को उस प्रजाति के ऐतिहासिक इलाके के अन्य उपयुक्त घास के मैदानों वाले क्षेत्रों तक भी बढ़ाया जाना चाहिए।
डब्ल्यूआईआई ने कहा कि भविष्य में इस प्रजाति को फिर से बसाने के लिए जलदापाड़ा (पश्चिम बंगाल) और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों जैसे उपयुक्त पर्यावासों को परखा जा सकता है।
भाषा राजकुमार सुरेश
सुरेश

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