नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को तमिल फिल्म निर्देशक और नेता सीमन के खिलाफ एक अभिनेत्री द्वारा 2011 में दर्ज कराए गए बलात्कार के मामले को दोनों पक्षों में हुई सहमति के बाद खारिज कर दिया।
न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने कहा कि अभिनेत्री ने सीमन के खिलाफ अपनी शिकायत वापस ले ली है।
सीमन ने भी एक हलफनामा दायर किया जिसमें बिना शर्त माफी मांगी गई और अभिनेत्री के खिलाफ लगाए गए आरोप वापस ले लिए गए।
पीठ ने कहा, ‘‘दोनों पक्ष किसी भी मुकदमे को जारी रखने का इरादा नहीं रखते हैं। प्रतिवादी (अभिनेत्री) ने डिजिटल और अन्य माध्यमों के साथ-साथ सोशल मीडिया सहित किसी भी माध्यम से अपीलकर्ता के खिलाफ कोई बयान नहीं देने पर भी सहमति व्यक्त की है…।’’
पीठ ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि अगर संबंधित आदेश को रद्द कर दिया जाए तो यह न्याय के हित में होगा। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि प्रतिवादी संख्या दो ने अपने हलफनामे में कहा है कि वह अपीलकर्ता के खिलाफ दायर सभी शिकायतें और प्राथमिकी वापस ले लेंगी। प्राथमिकी रद्द की जाती है।’’
शीर्ष अदालत ने पहले सीमन और अभिनेत्री को एक-दूसरे से माफी मांगने का निर्देश दिया था।
शीर्ष अदालत मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली सीमन की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। मद्रास उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में उनके खिलाफ मामला रद्द करने से इनकार कर दिया था।
उच्च न्यायालय ने पुलिस को जांच पूरी करने और अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था।
नाम तमिलर काची पार्टी का नेतृत्व करने वाले सीमन पर तत्कालीन भारतीय दंड संहिता के तहत बलात्कार, आपराधिक धमकी और धोखाधड़ी सहित कई अपराधों के साथ-साथ तमिलनाडु महिला उत्पीड़न निषेध अधिनियम की धारा चार के तहत भी आरोप हैं।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि वह 2007 से 2011 के बीच सीमन के साथ रिश्ते में थी। सीमन ने उससे शादी का वादा किया था लेकिन उन्होंने किसी और से शादी कर ली।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इस दौरान उसका यौन शोषण किया गया और भावनात्मक रूप से इस्तेमाल किया गया।
भाषा सुरभि वैभव
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