अदालत ने कश्मीरी अलगाववादी आसिया अंद्राबी को यूएपीए मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई

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अदालत ने कश्मीरी अलगाववादी आसिया अंद्राबी को यूएपीए मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई

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  • Publish Date - March 24, 2026 / 04:52 PM IST,
    Updated On - March 24, 2026 / 04:52 PM IST

नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को कश्मीरी अलगाववादी और दुख्तरान-ए-मिल्लत की प्रमुख आसिया अंद्राबी को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत एक मामले में दोषी पाए जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंदरजीत सिंह ने सजा की अवधि पर दलीलें पूरी होने के बाद फैसला सुनाया।

अदालत ने अंद्राबी की दो सहयोगियों – सोफी फेहमीदा और नाहिदा नसरीन को भी इसी मामले में दोषी पाए जाने पर 30 साल कैद की सजा सुनाई।

इससे पहले 14 जनवरी को, अंद्राबी, फेहमीदा और नसरीन को यूएपीए की धारा 20 (आतंकवादी गिरोह या आतंकवादी संगठन का सदस्य होने के लिए सजा), 38 (आतंकवादी संगठन की सदस्यता से संबंधित अपराध) और 39 (आतंकवादी संगठन का समर्थन करना) के तहत दोषी ठहराया गया था।

अदालत ने तीनों को भादंसं की धारा 153 ए (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 153 बी (राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक आरोप, दावे), 120 बी (आपराधिक साजिश), 505 (सार्वजनिक उपद्रव को बढ़ावा देने वाले बयान) और 121 ए (भारत सरकार के खिलाफ अपराध करने की साजिश) के तहत भी दोषी ठहराया था।

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने अंद्राबी को दोषी ठहराए जाने के बाद उसके लिए यह कहते हुए आजीवन कारावास की मांग की थी कि उसने भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ा और यह कड़ा संदेश देना आवश्यक है कि ऐसी साजिश रचने पर सबसे कठोर सजा दी जाएगी।

भाषा नेत्रपाल नरेश

नरेश