उत्तराखंड में अदालतों, न्यायाधीशों का होगा सुरक्षा ऑडिट

Ads

उत्तराखंड में अदालतों, न्यायाधीशों का होगा सुरक्षा ऑडिट

  •  
  • Publish Date - February 20, 2026 / 01:47 PM IST,
    Updated On - February 20, 2026 / 01:47 PM IST

देहरादून, 20 फरवरी (भाषा) पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड उच्च न्यायालय सहित प्रदेश की अन्य अदालतों को बम से उड़ाने की मिल रही धमकियों के मद्देनज़र न्यायाधीशों और अदालतों की सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक ऑडिट कराने सहित कई अन्य कदम उठाए जाएंगे ।

उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय से सभी जिलों को बृहस्पतिवार देर रात निर्देश जारी करते हुए न्यायाधीशों, अदालतों एवं अदालत परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराते हुए चिन्हित कमियों का त्वरित निराकरण करने को कहा गया है ।

निर्देश दिए गए है कि सभी अदालतों में हर सुबह कार्यवाही शुरू होने से पहले गहन खोजबीन एवं जांच की जाए, परिसरों में पर्याप्त संख्या में पुलिस और पीएसी कर्मियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के साथ नियुक्त किया जाये तथा अदालतों के प्रवेश एवं निकास द्वारों पर पहचान पत्र के माध्यम से आने—जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि कोई अनाधिकृत व्यक्ति परिसरों में प्रवेश न कर सके ।

अदालत परिसरों में अवरोधक लगाकर भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था तथा प्रवेश द्वारों पर अदालतों में आने वाले व्यक्तियों की जांच की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा इसके लिए स्थानीय अभिसूचना इकाई व अन्य पुलिस बल को नियुक्त करने के निर्देश जारी किए गए हैं ।

इसके अलावा, न्यायाधीशों एवं अदालतों की सुरक्षा ड्यूटी में पूर्व से नियुक्त सुरक्षा कर्मियों को वर्तमान परिदृश्य में सुरक्षा संवेदनशीलता के प्रति सतर्क करने, अदालतों की कार्यवाही प्रारम्भ होने से पूर्व, सुबह बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) एवं श्वान दस्ते की मदद से खोजबीन एवं जांच की कार्रवाई करने तथा आतंकवादी घटनाओं तथा बम हमलों की आशंका के दृष्टिगत अपने-अपने जिलों में त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) व आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) की टीमों को भी अदालत परिसरों में नियुक्त करने को कहा गया है ।

अदालत परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों से नियमित निगरानी रखे जाने, नियमित गश्त सुनिश्चित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं ।

निर्देशों में यह भी कहा गया है कि इस प्रकार की धमकियों के दृष्टिगत समय-समय पर अदालत परिसरों में मॉक ड्रिल की जाए और आपातकालीन निकास योजना बनायी जाए ।

उत्तराखंड उच्च न्यायालय को बृहस्पतिवार को एक ई—मेल संदेश के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गयी जिसके बाद पूरे परिसर को खाली कराया गया और उसकी गहन तलाशी ली गयी । इससे पहले, देहरादून, नैनीताल, उत्तरकाशी, टिहरी और रुद्रप्रयाग जिला अदालतों को भी ई—मेल संदेश के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी दी गयी । हालांकि, तलाशी में कहीं से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ ।

भाषा दीप्ति मनीषा

मनीषा