नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को एक दिन की सीबीआई हिरासत पूरी होने के बाद बृहस्पतिवार को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया।
गहलावत को तीन करोड़ रुपये की कथित रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात 2012 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी गहलावत को शाम लगभग चार बजे विशेष न्यायाधीश सुशांत चंगोत्रा के समक्ष पेश किया गया।
एजेंसी ने उनकी हिरासत बढ़ाने का अनुरोध करते हुए कहा कि उसे बड़ी साजिश का पता लगाना है, धन के स्रोत और उसके लाभार्थियों का पता लगाना है, साथ ही अन्य सह-आरोपियों के साथ उनका सामना कराना है।
अदालत जल्द ही अपना आदेश सुना सकती है।
इससे पहले बुधवार को अदालत ने गहलावत को एक दिन के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की हिरासत में भेज दिया था।
सीबीआई ने अधिकारी की पांच दिन की हिरासत का अनुरोध किया था।
सुनवाई के दौरान, जांच से जुड़े कुछ सवाल पूछने के बाद न्यायाधीश ने सीबीआई के जांच अधिकारी के व्यवहार की आलोचना की थी।
न्यायाधीश ने कहा था, ‘‘आज जांच अधिकारी से पूछे गए सवालों के जवाब से यह साफ हो गया है कि अब तक जांच में इस बात का पता लगाने की कोई कोशिश नहीं की गई है कि क्या आरोपी दीपक गहलावत ने सीबीआई में तैनात किसी सरकारी कर्मचारी से संपर्क किया था, या क्या उन्होंने ऐसे सरकारी कर्मचारियों पर अपना निजी प्रभाव डालने की कोई कोशिश की थी।’’
उन्होंने कहा था कि जांच अधिकारी ने यह पता लगाने की कोई कोशिश नहीं की कि क्या ऐसा कोई व्यक्ति मौजूद था या इस सरकारी कर्मचारी की पहचान क्या थी।
न्यायाधीश ने कहा था, ‘‘इस मामले में जांच अधिकारी का आचरण और आज उनके द्वारा दिए गए जवाब पूरी तरह से समझ से परे हैं।’’
भाषा
देवेंद्र माधव
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