चेन्नई, 28 जून (भाषा) मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एमडीएमके) के 150 से अधिक पदाधिकारियों के रविवार को औपचारिक रूप से द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) में शामिल होने से पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। इन पदाधिकारियों में राज्य स्तर के नेता, जिला सचिव, अधिवक्ता और छात्र शामिल हैं।
यह कदम पार्टी प्रमुख वाइको के नेतृत्व में एमडीएमके की आम परिषद द्वारा द्रमुक से अलग होने की घोषणा करने के एक दिन बाद उठाया गया।
एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक द्रमुक मुख्यालय ‘अन्ना अरिवालयम’ में ये नेता द्रमुक अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री एम के स्टालिन की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए।
दल छोड़ने वालों में पार्टी की उच्चस्तरीय समिति के सदस्य और कई जिला सचिव शामिल हैं। इनमें पुलवर एस. सेवंथियप्पन (शिवगंगा), टी. आर. आर. सेंगुट्टुवन (तिरुवल्लूर), प्रचार सचिव थिरुपरंकुंद्रम अलगुसुंदरम और आर. एम. एस. शेखर (विरुधुनगर) भी शामिल हैं।
वरिष्ठ नेताओं के साथ तमिलनाडु डॉ. आंबेडकर विधि विश्वविद्यालय के 40 छात्रों के एक समूह ने भी द्रमुक की सदस्यता ली।
भाषा प्रचेता देवेंद्र
देवेंद्र