Chhindwara Bank Robbery: “करोड़ों कर्ज” ने बनाया “बैंक लुटेरा”… बैंक में 34 घंटे तक लॉकर काटता रहा कारोबारी… तभी आ धमकी पुलिस जानिए फिर क्या हुआ?

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Chhindwara Bank Robbery: छिंदवाड़ा बैंक लूट की कोशिश की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। रेकी की, फिर बैंक के अंदर घुसा।

  • Reported By: Ajay Dwivedi

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  • Publish Date - June 28, 2026 / 02:39 PM IST,
    Updated On - June 28, 2026 / 02:41 PM IST

Chhindwara Bank Robbery/Photo Credit: AI

HIGHLIGHTS
  • ऑटो पार्ट्स कारोबारी ने कथित तौर पर 3.5 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने के लिए बैंक लूट की साजिश रची
  • आरोपी 34 घंटे तक बैंक के अंदर छिपा रहा और गैस कटर से लॉकर तोड़ने की कोशिश करता रहा
  • पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास पेट्रोल और सुतली बम भी थे। मामले की जांच जारी है

छिंदवाड़ा। Chhindwara Bank Robbery: छिंदवाड़ा बैंक लूट की कोशिश की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। पहले बैंक की रेकी की, फिर 3 दिन की छुट्टियों का फायदा उठाकर शुक्रवार रात बैंक के अंदर घुसा। 15 साल से ऑटो पार्ट्स का कारोबार करने वाला चंद्र प्रकाश लोखंडे 3.5 करोड़ रुपए का कर्ज चुकाने के लिए बैंक लुटेरा बना। कारोबारी करीब 34 घंटे तक गैस कटर, हथौड़ी और छेनी से गैस कटर से शटर काटा, लॉकर तोड़ने की कोशिश। जांच में पता चला कि आरोपी पूरी तैयारी के साथ बैंक में घुसा था। उसके पास गैस कटर, हथौड़ी, छेनी और लोहे काटने वाले अन्य उपकरण थे। उसने शटर काटने के बाद लॉकर और चेस्ट तोड़ने की कोशिश की। फोरेंसिक जांच में बैंक के फाइल सेक्शन में आग लगाने के भी सबूत मिले।

15 वर्षों से कर रहा है ऑटो पार्ट्स का कारोबार

Chhindwara Bank Robbery पुलिस अधीक्षक अजय पांडे ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी चंद्र प्रकाश लोखंडे है। वह नागपुर रोड पर लोखंडे ऑटो पार्ट्स के नाम से दुकान चलाता है और करीब 15 वर्षों से ऑटो पार्ट्स का कारोबार कर रहा है। 3.5 करोड़ का कर्ज उतारने के लिए रची साजिश पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उस पर करीब 3.5 करोड़ रुपए का लोन और कर्ज था। पिछले 8 महीनों में उसकी उधारी और बढ़ गई थी। कर्ज से छुटकारा पाने के लिए उसने बैंक लूटने की योजना बनाई। बैंक में उसका खुद का खाता था, इसलिए वह अक्सर वहां आता-जाता था। इसी दौरान उसने बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी।

 एक घंटे तक बैंक में रहकर रेकी की

Chhindwara Bank Robbery करीब चार दिन पहले वह मैनेजर से मिलने के बहाने बैंक पहुंचा और लगभग एक घंटे तक शाखा में रहकर रेकी की। उसे पता चल गया था कि बैंक बंद होने के बाद वहां कोई सुरक्षा गार्ड नहीं रहता। 3 दिन की छुट्टी देख चुना मौका आरोपी ने वारदात के लिए ऐसा समय चुना, जब बैंक लगातार तीन दिन बंद रहने वाला था। शुक्रवार को मोहर्रम की छुट्टी थी, जबकि उसके बाद शनिवार और रविवार को भी बैंक बंद था। इसी वजह से वह शुक्रवार रात बैंक में घुसा और करीब 34 घंटे तक अंदर छिपा रहा। वह अपने साथ लॉकर काटने के औजार, पेट्रोल और सुतली बम भी लेकर गया था।

 आत्महत्या की थी तैयारी

Chhindwara Bank Robbery शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि पकड़े जाने की स्थिति में उसने बैंक में आग लगाकर आत्महत्या की भी तैयारी कर रखी थी। पुलिस जांच में 4 करोड़ तक के कर्ज की बात पुलिस की शुरुआती जांच में आरोपी पर अलग-अलग बैंकों और लोगों का मिलाकर करीब 4 करोड़ रुपए तक का कर्ज होने की जानकारी सामने आई है। यह कर्ज जमीन से जुड़े लेनदेन और अन्य आर्थिक कारणों से लिया गया था। पुलिस उसके वित्तीय लेनदेन और कर्ज से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

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छिंदवाड़ा बैंक लूट की कोशिश का आरोपी कौन है?

पुलिस के अनुसार आरोपी चंद्रप्रकाश लोखंडे है, जो पिछले करीब 15 वर्षों से ऑटो पार्ट्स का कारोबार करता था।

आरोपी ने बैंक लूटने की कोशिश क्यों की?

शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उस पर करीब 3.5 करोड़ रुपये का कर्ज था। पुलिस अन्य वित्तीय लेनदेन और कर्ज से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।

आरोपी बैंक के अंदर कितने समय तक रहा?

पुलिस के अनुसार आरोपी लगभग 34 घंटे तक बैंक के अंदर छिपा रहा और लॉकर तोड़ने की कोशिश करता रहा।

आरोपी के पास कौन-कौन से सामान मिले?

जांच में गैस कटर, हथौड़ी, छेनी, लोहे काटने के उपकरण, पेट्रोल और सुतली बम जैसे सामान मिलने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस अब क्या जांच कर रही है?

पुलिस आरोपी के वित्तीय लेनदेन, कर्ज से जुड़े दस्तावेज, बैंक में प्रवेश की पूरी योजना और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।