Reported By: Ajay Dwivedi
,Chhindwara Bank Robbery/Photo Credit: AI
छिंदवाड़ा। Chhindwara Bank Robbery: छिंदवाड़ा बैंक लूट की कोशिश की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। पहले बैंक की रेकी की, फिर 3 दिन की छुट्टियों का फायदा उठाकर शुक्रवार रात बैंक के अंदर घुसा। 15 साल से ऑटो पार्ट्स का कारोबार करने वाला चंद्र प्रकाश लोखंडे 3.5 करोड़ रुपए का कर्ज चुकाने के लिए बैंक लुटेरा बना। कारोबारी करीब 34 घंटे तक गैस कटर, हथौड़ी और छेनी से गैस कटर से शटर काटा, लॉकर तोड़ने की कोशिश। जांच में पता चला कि आरोपी पूरी तैयारी के साथ बैंक में घुसा था। उसके पास गैस कटर, हथौड़ी, छेनी और लोहे काटने वाले अन्य उपकरण थे। उसने शटर काटने के बाद लॉकर और चेस्ट तोड़ने की कोशिश की। फोरेंसिक जांच में बैंक के फाइल सेक्शन में आग लगाने के भी सबूत मिले।
Chhindwara Bank Robbery पुलिस अधीक्षक अजय पांडे ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी चंद्र प्रकाश लोखंडे है। वह नागपुर रोड पर लोखंडे ऑटो पार्ट्स के नाम से दुकान चलाता है और करीब 15 वर्षों से ऑटो पार्ट्स का कारोबार कर रहा है। 3.5 करोड़ का कर्ज उतारने के लिए रची साजिश पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उस पर करीब 3.5 करोड़ रुपए का लोन और कर्ज था। पिछले 8 महीनों में उसकी उधारी और बढ़ गई थी। कर्ज से छुटकारा पाने के लिए उसने बैंक लूटने की योजना बनाई। बैंक में उसका खुद का खाता था, इसलिए वह अक्सर वहां आता-जाता था। इसी दौरान उसने बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी।
Chhindwara Bank Robbery करीब चार दिन पहले वह मैनेजर से मिलने के बहाने बैंक पहुंचा और लगभग एक घंटे तक शाखा में रहकर रेकी की। उसे पता चल गया था कि बैंक बंद होने के बाद वहां कोई सुरक्षा गार्ड नहीं रहता। 3 दिन की छुट्टी देख चुना मौका आरोपी ने वारदात के लिए ऐसा समय चुना, जब बैंक लगातार तीन दिन बंद रहने वाला था। शुक्रवार को मोहर्रम की छुट्टी थी, जबकि उसके बाद शनिवार और रविवार को भी बैंक बंद था। इसी वजह से वह शुक्रवार रात बैंक में घुसा और करीब 34 घंटे तक अंदर छिपा रहा। वह अपने साथ लॉकर काटने के औजार, पेट्रोल और सुतली बम भी लेकर गया था।
Chhindwara Bank Robbery शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि पकड़े जाने की स्थिति में उसने बैंक में आग लगाकर आत्महत्या की भी तैयारी कर रखी थी। पुलिस जांच में 4 करोड़ तक के कर्ज की बात पुलिस की शुरुआती जांच में आरोपी पर अलग-अलग बैंकों और लोगों का मिलाकर करीब 4 करोड़ रुपए तक का कर्ज होने की जानकारी सामने आई है। यह कर्ज जमीन से जुड़े लेनदेन और अन्य आर्थिक कारणों से लिया गया था। पुलिस उसके वित्तीय लेनदेन और कर्ज से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
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