नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) स्थानीय अपराधी से लेकर ‘‘हाइब्रिड आतंकवाद’’ में शामिल आईएसआई का मोहरा बनने तक, पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने कई वर्षों में हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया।
वह 2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश में शामिल लोगों में से एक था।
‘हाइब्रिड आतंकवादी’ ऐसे कट्टरपंथी व्यक्ति को कहा जाता है, जिसका नाम आतंकवादियों की किसी सूची में दर्ज नहीं होता। वह अपने आकाओं के निर्देश पर किसी खास विध्वंसक या हिंसक गतिविधि को अंजाम देता है और फिर सामान्य जीवन में लौट जाता है।
सरकार ने बुधवार को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत शहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन) को आतंकवादी संगठन घोषित किया।
भट्टी (45) लाहौर का निवासी है और वर्तमान में दुबई में है और वह भारत में कई मामलों में वांछित आरोपी है।
सूत्रों के अनुसार, भट्टी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ‘इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस’ (आईएसआई) से जुड़ा है और एजेंसी के लिए एक ‘प्रॉक्सी’ के रूप में काम करता है।
सूत्रों ने बताया कि वह सीमा पार आतंकवादी मॉड्यूल को संचालित करने के साथ-साथ हथियारों, मादक पदार्थों और हथगोले की तस्करी करने वाले सिंडिकेट को नियंत्रित करता है।
सूत्रों के अनुसार मूसेवाला की 2022 में हुई हत्या के मामले में उसके कथित संबंध और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े समूहों के साथ उसकी दुश्मनी उसके आपराधिक इतिहास का एक अहम हिस्सा है।
सूत्रों ने बताया कि भट्टी पर आरोप है कि उसने गायक की हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों की आपूर्ति की थी।
वह 2024 में राकांपा नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में भी कथित तौर पर शामिल था। सूत्रों के अनुसार, उसने इस मामले में प्रमुख साजिशकर्ता जीशान अख्तर को भारत से फरार होने और अजरबैजान में ठिकाना बनाने में मदद की थी।
भट्टी ने 15 मार्च, 2024 को जालंधर में यूट्यूबर रोजर संधू के आवास पर हुए ग्रेनेड हमले की जिम्मेदारी लेने का भी दावा किया था।
सूत्रों ने बताया कि उसका नाम 10 जनवरी, 2026 को अंबाला जिले के बलदेव नगर पुलिस थाने में हुए बम विस्फोट और पांच मई, 2026 को जालंधर स्थित बीएसएफ मुख्यालय तथा अमृतसर कैंटोनमेंट में हुए कम तीव्रता वाले दो विस्फोटों से भी जोड़ा गया है।
भट्टी आपराधिक गतिविधियों के लिए बेरोजगार भारतीय युवाओं को प्रभावित करने और आतंकी संगठन में शामिल करने के लिए इंस्टाग्राम और फेसबुक समेत सोशल मीडिया मंच का इस्तेमाल करता है।
सूत्रों ने बताया कि वह कथित तौर पर रेकी करने और लक्षित हमलों को अंजाम देने के लिए पैसों का लालच देकर लोगों को आतंकी गतिविधियों में शामिल करता है।
सूत्रों के अनुसार दुबई में रहने के बावजूद भट्टी पर अमेरिका, कनाडा और यूरोप में एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क बनाए रखने का संदेह है। उस पर अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए मोरक्को के पासपोर्ट का इस्तेमाल करने का संदेह है।
भट्टी की गतिविधियां संगठित अपराध, सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को अपने साथ जोड़ने और सीमा पार आतंकवादी नेटवर्क का गठजोड़ दिखाई देती है। हालांकि, उसके खिलाफ लगाए गए आरोप कानूनी रूप से साबित नहीं हुए हैं और इन मामलों में अभी जांच जारी है।
भाषा
देवेंद्र पवनेश
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