नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने बुधवार को लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी के भाषण को लेकर उनपर निशाना साधते हुए कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार रहने की स्थिति में अमेरिका से अलग तरह से ‘डील’ करना तो दूर की बात है, ‘‘पहले अपना घर संभालिए और फिर देश।’’
इससे पहले राहुल ने कहा था, ‘‘मुझे सबसे ज़्यादा हैरानी इस बात पर हुई कि अमेरिका-भारत व्यापार समझौते में क्या हुआ। अगर हम ‘इंडिया’ गठबंधन (की सरकार में) अमेरिका के राष्ट्रपति से बातचीत कर रहे होते, तो हम एक बात बिल्कुल साफ़ करते कि इस पूरे समीकरण में सबसे महत्वपूर्ण पूंजी भारतीय डेटा है।’’
शिंदे ने सदन में नेता प्रतिपक्ष के भाषण को लेकर उनपर पलटवार करते हुए कहा, ‘‘अगर ‘इंडिया’ गठबंधन अमेरिका के साथ ‘डील (समझौता)’ करता तो किस प्रकार से ‘डील’ करता…अमेरिका से ‘डील’ करना तो दूर की बात है, मुझे लगता है कि पहले ‘इंडिया’ गठबंधन के साझेदारों के साथ इन्हें ‘डील’ करना जरूरी है क्योंकि एक पार्टनर(भागीदार) यहां है, एक पार्टनर वहां है, एक पार्टनर कहीं और है।’’
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष कह रहे थे कि सरकार की राजनीति पर ‘ग्रिप’ (पकड़) नहीं है, नीतियों पर ‘ग्रिप’ नहीं है।
उन्होंने कहा कि ‘‘जिनकी खुद की ‘पॉलिटिकल डील (राजनीतिक समझौता)’ हर राज्य में कैंसल (रद्द) हो रही हो वह सदन में अंतरराष्ट्रीय संधियों पर ज्ञान दे रहे हैं।’’
शिवसेना सांसद ने राहुल पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘पहले अपना घर संभालिए, फिर देश और फिर दुनिया के बारे में सोचिए।’’
उन्होंने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जिस राज्य को ‘इनोवेशन’ (नवाचार) का केंद्र कहा जाता था उसे ‘इन्फिल्ट्रेशन’ (घुसपैठ) का केंद्र बना दिया गया है, जहां घुसपैठियों के लिए लाल कालीन बिछा दी गई है।
केरल कांग्रेस सांसद के. फ्रांसिस जॉर्ज ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि देश रोजगार सृजन की बड़ी समस्या का सामना कर रहा है। उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के संदर्भ में कहा, ‘‘मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि विभिन्न देशों के साथ होने वाले व्यापार समझौते या द्विपक्षीय समझौतों पर संसद में चर्चा करनी चाहिए।’’
आईयूएमएल के एम.पी. अब्दुसम्मद समदानी ने कहा कि बजट देश के संघीय ढांचे के साथ न्याय नहीं करता और इसमें केरल के साथ भेदभाव किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘हलाल’ प्रमाणपत्र बांटने के जरिये ‘फूड वेंडर’ को निशाना बनाया जा रहा है।
भाषा सुभाष माधव
माधव