जयपुर, 27 जुलाई (भाषा) सावन में जयपुर नगर निगम श्रद्धा और पर्यावरण संरक्षण को एक सूत्र में पिरोते हुए शिवार्पणम् अभियान की शुरुआत करने जा रहा है जिसके तहत शिवजी पर अर्पित होने वाले बेलपत्र, फूल और अन्य जैविक निर्माल्य को निगम खाद बनाएगा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि करीब एक माह बाद इसे निगम शहरवासियों को नि:शुल्क उपलब्ध करवाएगा।
नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने सोमवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि ताडक़ेश्वर महादेव, झाडख़ंड महादेव, जंगलेश्वर महादेव, चमकारेश्वर महादेव और रोजगारेश्वर महादेव मंदिर से जैविक निर्माल्य (भगवान को चढ़ने वाली फूल-पत्तियां) को उठाया जाएगा तथा निगम इसकी खाद बनाएगा।
उन्होंने कहा कि करीब 30 दिन में तैयार होने वाली इस खाद को शिवार्पणम् प्रसाद पैकेट के रूप में श्रद्धालुओं और लोगों को बांटा जाएगा।
आयुक्त ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल मंदिरों की स्वच्छता बनाए रखना नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक सोमवार को चयनित मंदिरों से नगर निगम के नए ‘ई-हॉपर’ निर्माल्य संग्रह करेंगे तथा इस सामग्री को निकटतम उद्यान में स्थापित ‘शेडर’ मशीन से ‘प्रोसेस’ किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से ‘कम्पोस्ट पिट’ में 30 दिनों तक उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद तैयार की जाएगी जिसे विशेष पैकेट में पैक कर शिवार्पणम् नाम से श्रद्धालुओं और नागरिकों को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा।
भाषा बाकोलिया राजकुमार
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