मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार कनकपुरा पहुंचे शिवकुमार का भव्य स्वागत, बोले: मैं आपका सेवक हूं

Ads

मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार कनकपुरा पहुंचे शिवकुमार का भव्य स्वागत, बोले: मैं आपका सेवक हूं

  •  
  • Publish Date - June 7, 2026 / 08:27 PM IST,
    Updated On - June 7, 2026 / 08:27 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

कनकपुरा (कर्नाटक), सात जून (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार का अपने निर्वाचन क्षेत्र कनकपुरा की ‘कृतज्ञता यात्रा’ के दौरान रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं, प्रशंसकों और आम जनता ने कई स्थानों पर भव्य स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के लिए आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार को अपनी प्राथमिकता बताते हुए घोषणा की कि तहसील में जल्द ही एक मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखी जाएगी।

शिवकुमार ने वर्ष 2028 के विधानसभा चुनावों के बाद फिर से मुख्यमंत्री बनने की इच्छा भी जताई और लोगों से इसके लिए आशीर्वाद मांगा।

उन्होंने यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘मुझे पूरे राज्य का दौरा करना होगा, इसलिए मैं इस क्षेत्र को ज्यादा समय नहीं दे पाऊंगा। मुझे 2028 में वापस आना चाहिए, है न? या मुझे सिर्फ दो साल के लिए मुख्यमंत्री रहना चाहिए? अगर मुझे 2028 में वापस आना है, तो आपको मुझे (राज्यभर में यात्रा करने के लिए) इस जिम्मेदारी से मुक्त करना होगा (या थोड़ी छूट देनी होगी)। मैं आपके सारे काम करूंगा।’

मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद शिवकुमार की पड़ोसी बेंगलुरु दक्षिण जिले में स्थित कनकपुरा की यह पहली यात्रा है।

निर्वाचन क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर लोगों से मिलने पहुंचे नए मुख्यमंत्री का सेब और अन्य फलों के बड़े हार पहनाकर, फूलों की बारिश करके और पटाखे फोड़कर स्वागत किया गया। इस दौरान समर्थकों ने ‘डीके डीके’ के नारे भी लगाए। उन्होंने अपने मार्ग में आने वाले कई महत्वपूर्ण मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना भी की। शिवकुमार अपने पैतृक गांव डोड्डालहल्ली सहित क्षेत्र के करीब बीस स्थानों के दौरे पर हैं।

बेंगलुरु से कनकपुरा के लिए रवाना होने से पहले संवाददाताओं से बातचीत में शिवकुमार ने कहा, ‘वहां के लोग मुझे डोड्डालहल्ली से यहां तक लेकर आए हैं… इसलिए मेरी पहली यात्रा अपने लोगों से मिलने और उनके प्रति आभार व्यक्त करने के लिए मेरे निर्वाचन क्षेत्र की है। पिछले 40 वर्षों से मुझे राजनीतिक रूप से संवारने वाले लोगों का धन्यवाद करना मेरा कर्तव्य है।’

सिद्धरमैया के 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद शिवकुमार ने तीन जून को 13 मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

बाद में तुंगानी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शिवकुमार ने कहा, ‘‘मैं आज कनकपुरा आया हूं। मैंने हारोहोल्ली और कग्गलीपुरा में भी पार्टी कार्यकर्ताओं से बात की है। मैं कनकपुरा के लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त करता हूं, जिन्होंने मुझे आशीर्वाद दिया और आठ बार विधानसभा के लिए चुना। आपके कारण ही आज मैं विधान सौध में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं भले ही राज्य का मुख्यमंत्री हूं और कनकपुरा के लोगों ने मुझे बार-बार अपना विधायक चुना है, लेकिन जब मैं इस निर्वाचन क्षेत्र की सीमा के भीतर हूं, तो मैं मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि आपका सेवक हूं।’’

क्षेत्र के विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कनकपुरा तहसील में जल्द ही एक मेडिकल कॉलेज बनेगा, ताकि लोगों को इलाज के लिए बेंगलुरु न जाना पड़े।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें अपने लोगों को बेंगलुरु पलायन करने से रोकना होगा। उन्हें अच्छा स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास मिलना चाहिए।’’

मुश्किल समय में साथ देने के लिए जनता का आभार जताते हुए शिवकुमार ने कहा, ‘‘मैं इस बात से इनकार नहीं कर रहा हूं कि देरी हुई, लेकिन सिद्धरमैया ने अपना वादा निभाया, पार्टी के निर्देशों का पालन किया, पद छोड़ा और मुझे मुख्यमंत्री का पद सौंपा। हम दोनों 2028 के विधानसभा चुनावों में नेतृत्व करेंगे और राज्य में कांग्रेस को फिर से सत्ता में लाएंगे। इसके लिए मुझे आपके समर्थन की आवश्यकता है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए एक विशेष अधिकारी नियुक्त करेंगे।

इससे पहले, शिवकुमार ने सभा में मौजूद धर्मनिरपेक्ष जनता दल (एस) के कार्यकर्ताओं को भी साधने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि वह केवल कांग्रेस के लिए नहीं, बल्कि उनके (जद-एस के कार्यकर्ताओं के) लिए भी उपलब्ध हैं और उनके घर के दरवाजे सबके लिए खुले हैं।

शिवकुमार ने कहा, ‘‘आप अपने कल्याण और क्षेत्र के विकास के लिए मेरा सहयोग ले सकते हैं। मैं हरसंभव मदद के लिए तैयार हूं।’’

भाषा सुमित सुरेश

सुरेश