एमएसपी पर कांग्रेस के ‘हाथी के दांत खाने के और, दिखाने के और’: शिवराज चौहान

एमएसपी पर कांग्रेस के ‘हाथी के दांत खाने के और, दिखाने के और’: शिवराज चौहान

एमएसपी पर कांग्रेस के ‘हाथी के दांत खाने के और, दिखाने के और’: शिवराज चौहान
Modified Date: March 18, 2026 / 05:31 pm IST
Published Date: March 18, 2026 5:31 pm IST

नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के मुद्दे पर लोकसभा में कांग्रेस सदस्यों के हमले को लेकर पलटवार करते हुए बुधवार को कहा कि इस विषय पर मुख्य विपक्षी दल के ‘‘हाथी के दांत खाने के और, दिखाने के और’’ हैं।

उन्होंने सदन में वर्ष 2026-27 के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदान की मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस नीत (पूर्ववर्ती) सरकार ने लागत पर 50 प्रतिशत के फार्मूले के आधार पर एमएसपी देने से इनकार कर दिया था, लेकिन नरेन्द्र मोदी सरकार ने किसानों को यह दिया है।

चौहान ने कहा, ‘‘कई मित्र (सदस्य) एमएसपी की बात कर रहे थे। आपने (कांग्रेस) कितनी एमएसपी दी थी? क्या दृष्टिकोण था? स्वामीनाथन आयोग ने जब लागत पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त जोड़कर एमएसपी देने की सिफारिश की थी तो (तत्कालीन) संप्रग सरकार ने कहा था कि यह नहीं हो सकता।’’

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘इनके हाथी के दांत खाने के और, दिखाने के और हैं। यहां ये एमएसपी पर छाती पीट रहे हैं।’’

कृषि मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने लाल किले की प्राचीर से सिर्फ छह बार किसान का जिक्र किया, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 207 बार किसान का उल्लेख किया है।

चौहान ने कहा कि कृषि को लेकर सरकार का तीन प्रमुख लक्ष्य — खाद्य सुरक्षा प्रदान करना, किसान की आजीविका सुरक्षित करना और बढ़ाना तथा लोगों को पोषक आहार उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि खाद्यान का उत्पान और बागवानी में रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है तथा चावल के उत्पादन में भारत अब चीन को पछाड़कर शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है।

भाषा

हक वैभव

हक सुभाष

सुभाष


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