(तस्वीरों के साथ)
बेंगलुरु, 20 फरवरी (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बागलकोट में शिवाजी जयंती जुलूस के दौरान कथित तौर पर पथराव के बाद भड़की सांप्रदायिक हिंसा के मद्देनजर शुक्रवार को शांति और सद्भाव की अपील की।
जिला मुख्यालय बागलकोट कस्बे में शुक्रवार को दो समुदायों के बीच झड़प के बाद तनाव पैदा हो गया और प्रशासन को निषेधाज्ञा लागू करनी पड़ी। तनाव के मद्देनजर बागलकोट में दुकानें बंद रहीं।
सिद्धरमैया ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बागलकोट में हुई पथराव की घटना समाज की शांति और सद्भाव के लिए खतरा है। मैं और हमारी सरकार इसकी कड़ी निंदा करते हैं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से बात की है और उन्हें निष्पक्ष जांच करने का आदेश दिया है।
सिद्धरमैया ने पुलिस को उपद्रवियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने के भी निर्देश दिये हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे मामले के संबंध में पूछताछ की जा रही है, जो भी दोषी पाया जाएगा उसे दंडित किया जाएगा।
सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘देश की जनता को भयमुक्त और शांतिपूर्ण जीवन प्रदान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम किसी भी ऐसे व्यक्ति या ताकत को बर्दाश्त नहीं करेंगे जो जनता की शांति और सद्भावना को भंग करे।’’
उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह के उकसावे में न आने की अपील करते हुए आश्वासन दिया कि पुलिस विभाग निष्पक्ष रूप से अपना कर्तव्य निभाएगा।
राज्य में मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)ने इस घटना के लिए सत्तारूढ़ कांग्रेस को दोषी ठहराते हुए आरोप लगाया कि उसकी ‘‘तुष्टीकरण की राजनीति’’ के कारण सांप्रदायिक झड़पें हुई हैं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘बागलकोट में छत्रपति शिवाजी महाराज की शोभायात्रा पर पथराव और जूते फेंकने की घटना अत्यंत निंदनीय और घृणित कृत्य है। इस कुप्रबंधन के कारण तुगलकी कांग्रेस सरकार में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और शांति भंग करने वाले उपद्रवियों को शह मिल रही है।’’
उन्होंने सवाल किया, ‘‘अगर पुलिस की मौजूदगी में पथराव हो रहा है, तो राज्य में आम लोग सुरक्षित कैसे होंगे?’’
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि हिंदू त्योहारों और जुलूसों को निशाना बनाकर लगातार किये जा रहे हमले राज्य में कांग्रेस सरकार के तहत एक सुनियोजित साजिश प्रतीत होती है।
उन्होंने बताया, ‘‘राज्य सरकार की शह के बिना ऐसी गुंडागर्दी नहीं हो सकती। कम से कम अब तो मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की सरकार को तुष्टीकरण की राजनीति छोड़कर उन लोगों को तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए जिन्होंने राष्ट्र की पहचान शिवाजी महाराज के सम्मान को ठेस पहुंचाई है।’’
विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री को आगाह किया कि वे ‘‘हिंदू समाज के धैर्य की परीक्षा न लें’’। उन्होंने कहा, ‘‘जब हमारे प्रिय लोगों और हमारे देश की पहचान की बात आती है तो चुप रहने का कोई सवाल ही नहीं उठता!’’
भाषा धीरज पवनेश
पवनेश