सिद्धरमैया सरकार ‘जातिगत गणना’ के नाम पर हिंदू धर्म को बांटने की कोशिश कर रही : भाजपा

सिद्धरमैया सरकार ‘जातिगत गणना’ के नाम पर हिंदू धर्म को बांटने की कोशिश कर रही : भाजपा

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  • Publish Date - October 7, 2025 / 04:03 PM IST,
    Updated On - October 7, 2025 / 04:03 PM IST

बेंगलुरु, सात अक्टूबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने राज्य में कराए जा रहे सामाजिक और शैक्षिक सर्वेक्षण की मंगलवार को आलोचना करते हुए इसे ‘‘पूरी तरह से अवैज्ञानिक’’ और सिद्धरमैया नीत कांग्रेस सरकार द्वारा हिंदू धर्म को ‘बांटने का प्रयास’ करार दिया।

कर्नाटक के सामाजिक और शैक्षिक सर्वेक्षण को व्यापक रूप से ‘‘जातिगत गणना’’ के रूप में जाना जाता है।

कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा किया गया यह सर्वेक्षण 22 सितंबर को शुरू हुआ था और मंगलवार को संपन्न होना था। हालांकि, राज्य के कुछ हिस्सों में इसे 12 अक्टूबर और ग्रेटर बेंगलुरु क्षेत्र में 24 अक्टूबर तक बढ़ाए जाने की संभावना है।

विजयेंद्र ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘कई तकनीकी खामियों के साथ-साथ राज्य सरकार के दबाव के कारण वे (आयोग) जातिगत गणना को ठीक से आगे नहीं बढ़ा पाए हैं। जातिगत गणना में 60 से ज्यादा सवाल हैं। डी के शिवकुमार (उपमुख्यमंत्री) खुद कई सवालों के जवाब नहीं दे पाए, तो आम आदमी कैसे जवाब देगा?’’

उन्होंने सर्वेक्षण को ‘‘पूरी तरह से अवैज्ञानिक’’ करार दिया और आरोप लगाया कि जब राज्य में बहुत कम विकास हुआ है, तो सिद्धरमैया सरकार ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘बाढ़ और बारिश के कारण संकट में फंसे किसानों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। सब कुछ ठीक होने का दावा करने वाले सिद्धरमैया राज्य के वास्तविक संकट को समझ नहीं पा रहे हैं और मुद्दे को भटकाने के लिए उन्होंने जातिगत गणना का मुद्दा उठाया है।’’

विजयेंद्र ने आरोप लगाया, ‘‘जब राज्य सरकार के पास जातिगत गणना कराने का कोई अधिकार नहीं है, तो वे अनावश्यक रूप से भ्रम पैदा कर रहे हैं। वे न केवल भ्रम पैदा कर रहे हैं, बल्कि सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार हिंदू धर्म को विभाजित करने की कोशिश कर रही है, और यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछड़ा वर्ग आयोग जल्दबाजी में, दबाव में और बिना पर्याप्त तैयारी के सर्वेक्षण कर रहा है।

विजयेंद्र ने सर्वेक्षण में शामिल कुछ प्रश्नों पर शिवकुमार की आपत्तियों का हवाला देते हुए कहा कि कई प्रश्न अप्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा, ‘‘गणनाकर्ता के रूप में नियुक्त शिक्षकों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक ​​कि दिव्यांग व्यक्तियों को भी गणनाकर्ता के रूप में नियुक्त किया गया है, जिसकी आलोचना हुई है।’’

मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा को ‘‘पिछड़ा वर्ग विरोधी’’ करार दिया। उनके बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा ‘‘समाज के सभी वर्गों को सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक न्याय प्रदान करने के लिए कांग्रेस से अधिक प्रतिबद्ध है।’’

भाषा धीरज अविनाश

अविनाश