राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई: उप्र सरकार ने न्यायालय को बताया

राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई: उप्र सरकार ने न्यायालय को बताया

राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई: उप्र सरकार ने न्यायालय को बताया
Modified Date: July 27, 2026 / 04:33 pm IST
Published Date: July 27, 2026 4:33 pm IST

नयी दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि उसने अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी की जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक किरण एस की अध्यक्षता में चार सदस्यों वाली एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) बनाई है।

उच्चतम न्यायालय ने राज्य सरकार से एसआईटी में पांचवें सदस्य के तौर पर एक ‘फॉरेंसिक ऑडिटर’ शामिल करने को कहा, जो दो हफ़्ते के अंदर पहली स्थिति रिपोर्ट सौंपेगी।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलों पर गौर किया। उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय के सुझाव के बाद 25 जुलाई को जारी एक अधिसूचना के ज़रिए एसआईटी का गठन किया गया है।

विधि अधिकारी ने कहा कि एसआईटी में पुलिस महानिरीक्षक के अलावा, उपमहानिरीक्षक रैंक के एक अधिकारी, एक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भी शामिल होंगे।

पीठ ने कहा कि एसआईटी को अपनी रिपोर्ट देने दें।

इसने सुनवाई दो हफ़्ते के लिए टालते हुए कहा, ‘‘पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाए जाएंगे। हम इस घटना की गहन पड़ताल कर रहे हैं।’’

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘हम निष्पक्ष, त्वरित और तटस्थ जांच सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।’’

पीठ ने 20 जुलाई को उत्तर प्रदेश सरकार से कहा था कि वह चढ़ावे के कथित गबन की जांच के लिए एसआईटी बनाने की संभावना के बारे में जानकारी दे।

भाषा

नेत्रपाल नरेश

नरेश


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