नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) दिल्ली पुलिस ने 22 वर्षीय टैक्सी चालक की अपहरण करके हत्या करने के आरोप में एक नाबालिग समेत छह लोगों को पकड़ा है।
पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि आरोपियों ने जयपुर के लिए टैक्सी बुक की और फिर उसके चालक को अगवा कर लिया तथा उसकी हत्या करने के बाद शव को राजस्थान के एक वन क्षेत्र में फेंक दिया।
पुलिस ने बताया कि पीड़ित की कार राजस्थान से बरामद कर ली गई है।
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के औरैया निवासी आशीष पाल के रूप में हुई है। वह टैक्सी चालक था। उसने 20 जुलाई को सरिता विहार से जयपुर के लिए बुकिंग स्वीकार की थी।
यह घटना शुरुआत में राजस्थान में जयपुर ग्रामीण के मोखमपुरा थाने में शून्य प्राथमिकी के रूप में दर्ज की गई थी और बाद में इसे दिल्ली के सरिता विहार थाने में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां एक सामान्य प्राथमिकी दर्ज की गई।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘यात्रा के दौरान किराए को लेकर आरोपियों और पाल के बीच कथित तौर पर बहस हो गई। आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और बाद में उसका गला घोंट दिया और उसके शव को वाहन में छिपा दिया।’
उन्होंने बताया कि बाद में शव को राजस्थान ले जाया गया और मोखमपुरा के पास एक वन क्षेत्र में फेंक दिया गया।
अधिकारी के मुताबिक, जांच के दौरान पुलिस ने टैक्सी बुकिंग पॉइंट, राजमार्गों, टोल प्लाजा और अन्य स्थानों के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया।
उन्होंने कहा कि वाहन की आवाजाही और संदिग्ध आरोपियों की पहचान करने के लिए तकनीकी निगरानी का भी इस्तेमाल किया गया।
स्थानों की पहचान करने और सबूत बरामद करने के लिए टीम ने राजस्थान पुलिस के साथ भी समन्वय किया।
पुलिस ने बताया कि जांच के बाद 16 वर्षीय नाबालिग को हिरासत में लिया गया और पांच अन्य लोगों- अनिल जाट, कालू राम, सुमित, मंगल दीप उर्फ सानू और अर्जुन रिणवा को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने कहा कि लगातार पूछताछ और जांच से पता चला है कि पैसे खत्म होने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर एक वाहन लूटने की साजिश रची थी।
पुलिस के अनुसार, कथित हत्या के बाद आरोपियों ने पाल का मोबाइल फोन और उसके पास उपलब्ध नकदी इस्तेमाल की तथा उसके एटीएम कार्ड से पैसे निकालने की कोशिश की। आरोप है कि उन्होंने वाहन की नंबर प्लेट भी हटा दी और अजमेर में ठहरे रहे।
गिरफ्तार आरोपियों में राजस्थान में नागौर जिले के मारवाड़ मूंडवा निवासी रिणवा (22) पहले भी राज्य में दो मामलों में शामिल रहा है।
भाषा नोमान नोमान संतोष
संतोष