नयी दिल्ली, 23 सितंबर (भाषा) दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 83 दिन की अवधि पूरी करने के बाद बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी से विदा ली जो पिछले 14 वर्षों में दिल्ली में मानसून का सबसे छोटा दौर रहा। हालांकि देर से दस्तक देने के बावजूद, इस बार मानसून के दौरान सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी।
इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दो जुलाई को दिल्ली में दस्तक दी थी और इसने 23 सितंबर को विदाई ली। यानी मानसून राष्ट्रीय राजधानी में 83 दिन रहा। इसके मुकाबले 2025 में यह 87 दिन, 2024 में 96 दिन और 2023 में 97 दिन रहा था।
आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में इससे कम अवधि तक मानसून आखिरी बार 2012 में रहा था। उस साल मानसून ने सात जुलाई को दस्तक देने के बाद 25 सितंबर को विदाई ली थी। इस तरह 2012 में मानसून 80 दिन ही रहा था।
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने इस बार भी दिल्ली में देर से दस्तक दी। वह दो जुलाई को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचा, जबकि इसके पहुंचने की सामान्य तारीख 27 जून है। पांच साल बाद ऐसा हुआ है, जब मानसून ने जुलाई में दिल्ली में दस्तक दी। इससे पहले 2021 में उसने 13 जुलाई को दस्तक दी थी।
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के अधिकांश हिस्सों तथा उत्तर प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी विदा हो गया है।
इस बार मानसून की विदाई सामान्य तारीख 25 सितंबर से दो दिन पहले हुई। पिछले साल मानसून 24 सितंबर को दिल्ली से लौटा था।
वर्ष 1961 के बाद दिल्ली से मानसून की सबसे जल्दी विदाई 1982 में हुई थी, जब वह तीन सितंबर को ही लौट गया। इसके विपरीत 2013 में मानसून 17 अक्टूबर तक डेरा डाले रहा था।
मानसून भले ही इस बार कम समय के लिए दिल्ली में ठहरा, लेकिन बारिश के मामले में उसने कोई कमी नहीं छोड़ी। पूरे मौसम में राजधानी में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई।
शहर की प्रमुख मौसम वेधशाला सफदरजंग में एक जून से 23 सितंबर तक 728.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 629.7 मिलीमीटर होती है। यानी इस बार बारिश सामान्य से 16 प्रतिशत अधिक रही।
आईएमडी के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सामान्य से अधिक बारिश के बावजूद इस साल बारिश का कोई बड़ा रिकॉर्ड नहीं बना। इसकी वजह यह है कि पिछले दो वर्षों में दिल्ली में 900 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई थी।
हालांकि, पूरी दिल्ली में बारिश का दौर एक जैसा नहीं रहा।
जुलाई में रिज क्षेत्र में 285.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 188.5 मिलीमीटर है। यानी यहां बारिश सामान्य से 51 प्रतिशत अधिक रही। लोधी रोड में 274.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो 201.9 मिलीमीटर की सामान्य बारिश से 36 प्रतिशत अधिक है।
आयानगर में जुलाई के दौरान 210.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 178.5 मिलीमीटर है। यहां बारिश सामान्य से 18 प्रतिशत अधिक रही। दूसरी ओर, पालम एकमात्र प्रमुख वेधशाला रहा, जहां सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई। यहां 179.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा 198.2 मिलीमीटर है।
अगस्त मानसून का सबसे ज्यादा बारिश वाला महीना रहा। सफदरजंग में इस माह सामान्य 222.9 मिलीमीटर की तुलना में 354.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई यानी सामान्य से 59 प्रतिशत अधिक।
भाषा खारी पवनेश
पवनेश