शिमला, पांच मार्च (भाषा) हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा की एकमात्र सीट के लिए कांग्रेस द्वारा अपने कांगड़ा जिला इकाई के प्रमुख अनुराग शर्मा को उम्मीदवार घोषित किए जाने से नाराज पार्टी नेता आनंद शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘‘सच बोलना एक दंडनीय राजनीतिक अपराध बन गया है।’’
सूत्रों के अनुसार, पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा का नाम राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवारी की दौड़ में माना जा रहा था।
आंनद ने अपने लंबे राजनीतिक करियर में पार्टी और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।
कांग्रेस सूत्रों ने पहले बताया था कि पार्टी द्वारा जिन नामों पर विचार किया जा रहा है उनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, राज्य की कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल, स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल, पूर्व शिक्षा मंत्री आशा कुमारी, मुख्यमंत्री के सूचना प्रौद्योगिकी सलाहकार गोकुल बुटैल और कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा का नाम शामिल है।
लेकिन बृहस्पतिवार को अचानक कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सीट के लिए अनुराग शर्मा को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया जो मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के करीबी समझे जाते हैं।
अनुराग शर्मा द्वारा नामांकन दाखिल किये जाने के बाद ‘पीटीआई-भाषा’ से फोन पर बात करते हुए आनंद शर्मा ने कहा, ‘‘आत्मसम्मान बहुत महंगा पड़ता है। और सच बोलना अब एक दंडनीय राजनीतिक अपराध बन गया है।’’
राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार नहीं बनाये जाने के बारे में पूछे जाने पर आनंद शर्मा ने कहा कि नेतृत्व में बैठे लोगों ने अपने विवेक से यह निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘दशकों तक राज्य और देश का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए सौभाग्य की बात रही है। राज्य में मैंने कई संस्थाएं स्थापित की हैं। ये उपलब्धियां हिमाचल प्रदेश के लोगों को मेरे द्वारा किए गए कार्यों की याद दिलाती रहेंगी।’’
वर्ष 2024 में कांगड़ा से लोकसभा चुनाव में असफल रहे शर्मा ने कहा, ‘‘मेरा पैतृक घर शिमला में है, मैं यहां आता हूं, आता रहूंगा और लोगों के बीच रहकर हिमाचल की सेवा करता रहूंगा।’’
भाषा शफीक राजकुमार
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