भुवनेश्वर, 15 मई (भाषा) निर्वाचन आयोग ओडिशा में 30 मई से मतदाता सूचियों की महीने भर चलने वाली ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) कवायद शुरू करेगा। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) आर. एस. गोपालन ने बताया कि यह कार्यक्रम 28 जून तक चलेगा, जबकि पुनरीक्षण के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन छह सितंबर को किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 20 से 29 मई के बीच बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) और बूथ स्तर के एजेंट (बीएलए) का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद बीएलओ 30 मई से 28 जून तक घर-घर जाकर सत्यापन का काम करेंगे।
उन्होंने सूचित किया कि मतदान केंद्रों का युक्तिकरण भी 28 जून तक पूरा कर लिया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची का मसौदा पांच जुलाई को प्रकाशित किया जाएगा और इस पर दावे तथा आपत्तियां चार अगस्त तक दर्ज कराई जा सकेंगी।
आपत्तियों के निपटारे के बाद छह सितंबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।
सीईओ ने कहा कि वर्तमान में ओडिशा में 38,123 मतदान केंद्र हैं और इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 45,255 हो जाएगी।
पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत राज्य भर में 45,255 बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे।
गोपालन ने बताया कि इस अभियान के लिए अब तक सात राजनीतिक दलों ने 27,723 बीएलए नियुक्त किए हैं।
बीएलओ मौजूदा मतदाताओं के विवरण का सत्यापन करेंगे, 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र नागरिकों के नाम जोड़ेंगे, मृत या अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके लोगों के नाम हटाएंगे और मतदाता सूची की त्रुटियों को सुधारेंगे।
सीईओ ने स्पष्ट किया, ‘यदि कोई व्यक्ति बाहरी या विदेशी नागरिक पाया जाता है, तो उसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा।’
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के दौरान हिज्जे (स्पेलिंग), उम्र, नाम में बदलाव और माता-पिता का नाम जोड़ने से संबंधित गलतियों को भी सुधारा जाएगा।
वर्तमान में ओडिशा में 3.34 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 1.68 करोड़ पुरुष, 1.65 करोड़ महिलाएं और 3,090 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं।
भाषा सुमित नरेश
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