स्टालिन के पास अन्नाद्रमुक की आलोचना के लिए कुछ नहीं, इसलिए दिल्ली टीम पर ध्यान: पलानीस्वामी

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स्टालिन के पास अन्नाद्रमुक की आलोचना के लिए कुछ नहीं, इसलिए दिल्ली टीम पर ध्यान: पलानीस्वामी

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  • Publish Date - April 6, 2026 / 10:18 PM IST,
    Updated On - April 6, 2026 / 10:18 PM IST

तिरुचिरापल्ली (तमिलनाडु), छह अप्रैल (भाषा) ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने सोमवार को दावा किया कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव मैदान में होने के बावजूद, मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन का ध्यान ‘‘दिल्ली टीम’’ पर केंद्रित है क्योंकि उनके पास अन्नाद्रमुक की आलोचना करने के लिए कुछ भी नहीं है।

पलानीस्वामी ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि अगर स्टालिन दिवंगत मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के परिवार में पैदा न हुए होते, तो वह पार्षद तक नहीं बन पाते।

उन्होंने कहा, ‘‘स्टालिन हमेशा खुद को मुथुवेल करुणानिधि स्टालिन कहते हैं। अगर उनका जन्म करुणानिधि के परिवार में न हुआ होता तो स्टालिन पार्षद तक नहीं बन पाते। आपकी पहचान आपके पिता से है। अपने मामले में, मैंने सामाजिक स्तर पर और अन्नाद्रमुक में ऊपर उठने के लिए कड़ी मेहनत की है, जो लोकतंत्र पर आधारित पार्टी है।’’

अन्नाद्रमुक प्रमुख ने अरियालुर और पेरम्बलुर में पार्टी के नेतृत्व वाले राजग के समर्थन में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए यह बात कही।

पलानीस्वामी ने भीड़ से पूछा, ‘‘क्या तमिलनाडु में एक परिवार का शासन जारी रहना चाहिए?’’ उन्होंने कहा कि 23 अप्रैल के चुनाव में, राज्य में परिवारवाद का अंत हो जाएगा।

मुख्यमंत्री के बार-बार दोहराए जाने वाले इस बयान पर कि मौजूदा चुनाव तमिलनाडु टीम बनाम ‘‘दिल्ली टीम’’ की लड़ाई है, पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘विधानसभा चुनाव लड़ रहे होने के बावजूद, वह दिल्ली टीम की बात करते हैं। हमारे बारे में उनके पास कहने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है, इसलिए वे कहते हैं कि हमारा कार्यालय दिल्ली में है। अगर आपमें हिम्मत है तो अन्नाद्रमुक के बारे में बात करें, मैं जवाब देने के लिए तैयार हूं। राजनीतिक लाभ लेने से बचें।’’

अन्नाद्रमुक प्रमुख ने दावा किया कि करुणानिधि ने कभी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्हें ‘‘अच्छा व्यक्ति’’ बताया था।

उन्होंने कहा कि स्टालिन, जो लगातार अपने पिता का नाम लेते रहते हैं, उन्हें प्रधानमंत्री की प्रशंसा करने वाले करुणानिधि के शब्दों का अनुसरण करना चाहिए।

भाषा सुभाष माधव

माधव