स्टालिन ने करूर भगदड़ मामले में विजय को मुख्य आरोपी बनाए जाने से बचाया : द्रमुक नेता रेगुपति

स्टालिन ने करूर भगदड़ मामले में विजय को मुख्य आरोपी बनाए जाने से बचाया : द्रमुक नेता रेगुपति

स्टालिन ने करूर भगदड़ मामले में विजय को मुख्य आरोपी बनाए जाने से बचाया : द्रमुक नेता रेगुपति
Modified Date: September 13, 2026 / 12:43 pm IST
Published Date: September 13, 2026 12:43 pm IST

पुडुकोट्टई, 13 सितंबर (भाषा) द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता एस. रेगुपति ने दावा किया है कि तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने ‘‘मानवीय आधार’’ पर नरमी बरतते हुए टीवीके प्रमुख सी. जोसेफ विजय को करूर भगदड़ मामले में मुख्य आरोपी नहीं बनाने का फैसला किया था।

रेगुपति ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने करूर भगदड़ से जुड़े मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री स्टालिन से विजय को मुख्य आरोपी बनाए जाने का आग्रह किया था।

उनके अनुसार, हालांकि, स्टालिन ने विजय के खिलाफ आरोप आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया और इसके बजाय ‘‘मानवीय दृष्टिकोण’’ अपनाने का फैसला किया, क्योंकि विजय एक अभिनेता थे और उन्होंने तब कुछ ही समय पहले अपनी राजनीतिक पार्टी का गठन किया था।

रेगुपति ने यह भी दावा किया कि उनकी पार्टी के अन्य नेताओं ने अभिनेता को मामले में पहला आरोपी बनाए जाने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विजय सार्वजनिक कार्यक्रम में देर से पहुंचे और इसके बाद एक बस की छत पर चढ़कर ‘‘फिल्म की तरह गाना गाया और नृत्य किया’’, जिससे सीधे तौर पर भगदड़ की स्थिति पैदा हुई।

इस भगदड़ में 41 लोगों की जान चली गई थी। यह घटना 27 सितंबर को तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के उस रोड शो के दौरान हुई थी, जिसे विजय ने संबोधित किया था। उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) इस मामले की जांच कर रहा है।

रेगुपति का यह बयान विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) प्रमुख टी. तिरुमावलवन द्वारा धर्मपुरी में इसी तरह की टिप्पणी किए जाने के एक दिन बाद आया है।

तिरुमावलवन ने कहा था कि उन्होंने पहले भी राज्य सरकार से विजय के खिलाफ मामला दर्ज करने का आग्रह किया था। उन्होंने दावा किया कि अभिनेता के कार्यक्रम में देर से पहुंचने के कारण अव्यवस्था की स्थिति पैदा हुई और इस घटना के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए था।

इसके अलावा, रेगुपति ने चेतावनी दी कि आगामी उपचुनावों से पहले लगातार बिजली कटौती और चावल सहित आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को लेकर द्रमुक सरकार पर दबाव बनाएगी।

उन्होंने कहा कि जनता लंबे समय तक चुप नहीं रहेगी और सरकार को जल्द ही लोगों के विरोध का सामना करना पड़ेगा।

भाषा गोला नेत्रपाल

नेत्रपाल


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