सामरिक परिदृश्य तेज़ी से बदल रहा, इसका सभी देशों पर असर पड़ेगा: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

सामरिक परिदृश्य तेज़ी से बदल रहा, इसका सभी देशों पर असर पड़ेगा: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

सामरिक परिदृश्य तेज़ी से बदल रहा, इसका सभी देशों पर असर पड़ेगा: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन
Modified Date: September 25, 2026 / 02:52 pm IST
Published Date: September 25, 2026 2:52 pm IST

नयी दिल्ली, 25 सितंबर (भाषा) उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने शुक्रवार को कहा कि वैश्विक सामरिक परिदृश्य में तेजी से बदलाव आ रहा है, जहाँ पारंपरिक सुरक्षा चिंताओं का सामना अब लगातार उभरती नयी चुनौतियों से हो रहा है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि इसके दूरगामी परिणाम दुनिया के सभी देशों को प्रभावित करेंगे।

उन्होंने राष्ट्रों के बीच सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया ताकि इसका लाभ सभी को मिल सके।

राधाकृष्णन राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय द्वारा आयोजित दो सप्ताह के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, चौथे ‘अंतरराष्ट्रीय सामरिक सहभागिता कार्यक्रम’ को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे आसपास का सामरिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है और पारंपरिक सुरक्षा चिंताएं अब प्रौद्योगिकी, साइबर स्पेस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऊर्जा सुरक्षा तथा जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में उभरती नयी चुनौतियों के साथ लगातार जुड़ रही हैं।’’

उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘इन घटनाक्रमों का प्रभाव न केवल व्यक्तिगत देशों पर, बल्कि व्यापक अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर भी पड़ेगा।’’

उन्होंने 28 देशों के प्रतिनिधियों सहित उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रमुख आविष्कारों को आपस में साझा किया जाना चाहिए ताकि इसका लाभ सभी को मिल सके।

राधाकृष्णन ने याद दिलाया कि भारत ने न केवल अपने नागरिकों को, बल्कि अन्य देशों को भी कोविड रोधी टीके नि:शुल्क उपलब्ध कराए थे। उन्होंने कहा कि जहां वैश्विक कंपनियां अपने निजी हितों को देख रही थीं, वहीं नरेन्द्र मोदी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करोड़ों लोगों की मदद की।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत विभिन्न देशों में आपदाओं के समय सबसे पहले मदद पहुंचाने वाले देश के रूप में तेजी से उभरा है। उन्होंने कहा कि दुख और दर्द को आपस में साझा किया जाना चाहिए।

भाषा नेत्रपाल मनीषा

मनीषा


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