कोहिमा, 23 मई (भाषा) नगालैंड सरकार ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में ‘अफ्रीकी स्वाइन फीवर’ (एएसएफ) का प्रकोप बढ़ने के बाद निगरानी और रोकथाम के सख्त उपाय किए हैं।
कई जिलों में इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए सूअरों और उसके मांस संबंधी उत्पादों के आयात, परिवहन तथा बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के साथ अन्य पाबंदियां लगाई गई हैं।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, पशुपालन और पशुचिकित्सा सेवा निदेशालय जिला पशुचिकित्सा अधिकारियों और जमीनी स्तर के कर्मचारियों के माध्यम से स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है।
मोन जिले में प्रशासन ने अगले आदेश तक पूरे जिले में सूअर के मांस की बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है और जीवित सूअरों के आयात, निर्यात व परिवहन को अगले आदेश तक पूरी तरह रोक दिया है।
वहीं, दीमापुर जिले के सिग्नल अंगामी गांव में सूअरों में एएसएफ के मामलों की पुष्टि होने के बाद अधिकारियों ने संक्रमित और निगरानी क्षेत्रों की पहचान कर प्रभावित इलाकों के भीतर सूअरों की आवाजाही, सूअरों को काटने और उनके मांस तथा उससे जुड़े उत्पादों के परिवहन पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं।
इन पाबंदियों के चलते राजधानी कोहिमा सहित राज्य के कई हिस्सों में शनिवार को सूअर के मांस की दुकानें पूरी तरह बंद रहीं।
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि एएसएफ सूअरों को प्रभावित करने वाली एक अत्यधिक संक्रामक विषाणु जनित बीमारी है, लेकिन इससे इंसान संक्रमित नहीं होते हैं और यह जन स्वास्थ्य के लिए कोई खतरा नहीं है।
भाषा प्रचेता संतोष
संतोष