(अश्विनी श्रीवास्तव)
नयी दिल्ली, एक जून (भाषा) देशभर में सरकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के लिए 700 से अधिक प्रशिक्षण संस्थानों का ढांचागत कायाकल्प क्षमता निर्माण आयोग (सीबीसी) के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। आयोग की अध्यक्ष एस. राधा चौहान ने सोमवार को यह जानकारी दी।
चौहान ने ‘पीटीआई-भाषा’ से साक्षात्कार में कहा कि सीबीसी ने भारत सरकार के 90 से अधिक मंत्रालयों और विभागों में लोक सेवकों द्वारा निभाई जाने वाली भूमिकाओं का आकलन किया है और उन्हीं भूमिकाओं के अनुरूप क्षमता निर्माण योजनाएं तैयार की हैं।
उन्होंने कहा कि 700 से अधिक प्रशिक्षण संस्थानों की पहचान की गई जिसके बाद सीबीसी ने उनके निरंतर विकास और सुधार में मदद के लिए ‘यूनिफाइड न्यू-एज नेशनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूशंस’ (उन्नति) पहल शुरू की।
यह पहल सामूहिक प्रयास, ज्ञान साझा करने और सहयोगात्मक विकास के ‘‘भारतीय लोकाचार’’ पर आधारित है।
चौहान ने कहा, ‘‘हमें इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि देशभर में 700 से अधिक प्रशिक्षण संस्थान हैं। ये सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाते हैं लेकिन अधिकतर संस्थान स्वतंत्र रूप से काम करते हैं। हम उन्हें ‘उन्नति’ के जरिये एक साझा मंच पर ला रहे हैं ताकि वे एक-दूसरे से जुड़ सकें, सहयोग कर सकें और सीख सकें। संस्थागत संसाधनों, विशेषज्ञता और ज्ञान को साझा किया जा सकता है तथा उनका अधिक प्रभावी इस्तेमाल किया जा सकता है।’’
उन्होंने कहा कि ‘उन्नति’ का उद्देश्य इन संस्थानों की सामूहिक क्षमता का उपयोग करना है और इसके तहत संस्थान स्टूडियो एवं सम्मेलन कक्ष जैसी सुविधाएं साझा कर सकेंगे, संकाय एवं विषय विशेषज्ञों के समूहों के जरिये सहयोग कर सकेंगे और प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं ज्ञान संसाधनों का आदान-प्रदान कर सकेंगे।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की पूर्व सचिव चौहान ने कहा कि जून के अंत तक 700 से अधिक सभी संस्थानों को समर्पित ‘उन्नति’ पोर्टल से जोड़े जाने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश काडर की 1988 बैच की सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी चौहान ने कहा कि खासकर राज्यों में कई सरकारी कर्मचारी बिना किसी संस्थागत प्रशिक्षण के अपना पूरा सेवाकाल पूरा कर लेते हैं।
उन्होंने कहा कि सीबीसी देशभर में प्रशिक्षण संस्थानों के व्यापक ढांचागत और संगठनात्मक बदलाव का मार्गदर्शन कर रहा है। इसमें संस्थागत प्रक्रियाओं का मानकीकरण, प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करना, संकाय विकास में सुधार करना और प्रशिक्षण देने की गुणवत्ता तथा प्रभावशीलता बढ़ाना शामिल है।
सीबीसी ने देशभर के प्रशिक्षण संस्थानों के मानक तय करने और उन्हें मान्यता देने के लिए ‘राष्ट्रीय सिविल सेवा प्रशिक्षण मानक संस्थान’ (एनएससीएसटीआई) ढांचा स्थापित किया है। इस ढांचे के तहत 210 से अधिक संस्थानों को मान्यता दी गई है।
क्षमता विकास आयोग (सीबीसी) कर्मयोगी मिशन की रूपरेखा का अभिरक्षक है। इसकी शुरुआत सितंबर 2020 में की गई थी। मिशन कर्मयोगी का लक्ष्य सिविल सेवा को भारतीय मूल्यों पर आधारित और भारत की प्राथमिकताओं के अनुरूप सहयोगपूर्ण कार्यशैली सम्मत प्रभावी और दक्ष लोक सेवा बनाना है।
भाषा सिम्मी मनीषा
मनीषा