नयी दिल्ली, 14 मई (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में छात्रों और संगठनों ने कथित प्रश्नपत्र लीक के कारण राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) रद्द किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया।
आम आदमी पार्टी (आप) के छात्र संगठन ‘एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स’ (एएसएपी) ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान एएसएपी के एक सदस्य ने कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के बाद से यह चौथी या पांचवीं बार है जब पश्न पत्र लीक हुआ है। वे छात्रों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।’
संगठन के अन्य सदस्यों ने जवाबदेही की मांग करते हुए नारेबाजी की और सरकार से ‘छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करने’ को कहा।
उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर शिक्षा माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया, जिसके कारण बार-बार प्रश्नपत्र लीक हो रहे।
एक अन्य सदस्य ने कहा, ‘हमारी मांग है कि शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छात्रों से माफी मांगें।’
आम आदमी पार्टी (आप) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने प्रदर्शन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा, ‘बार-बार पश्न पत्र का लीक होना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। अब जेन-जेड शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरेगी।’
इसी बीच, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) द्वारा दोपहर में जंतर-मंतर पर आहूत विरोध प्रदर्शन में कई छात्र संगठनों ने भाग लिया।
छात्रों ने केंद्रीय मंत्री को बर्खास्त करो, नीट पेपर लीक में शामिल लोगों को कड़ा दंड दो, जैसे नारे लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया।
एक बयान में वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) ने इसे उच्च शिक्षा प्रणाली का संगठित रूप से विघटन करार दिया।
आईसा ने मांग की है कि “पूरे पेपर लीक गिरोह और उसके मुख्य एजेंट, एनटीए, को बंद किया जाए।
भाषा
प्रचेता पवनेश
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