चंडीगढ़, छह अप्रैल (भाषा) उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने सोमवार को एक कार्यक्रम में छात्रों से कहा कि जीवन में सफलता केवल किसी की उपलब्धियों से ही नहीं, बल्कि उसके चरित्र, ईमानदारी और असफलताओं के बाद फिर से उठ खड़े होने की क्षमता से भी परिभाषित होती है।
हरियाणा के सोनीपत जिले के मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के आठवें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति ने कहा कि जो लोग धैर्य के साथ कठिनाइयों का सामना करते हैं, अंततः विजयी होते हैं।
उन्होंने छात्रों को धैर्य विकसित करने और जीवन की चुनौतियों का साहस और सकारात्मकता के साथ सामना करने की सलाह दी।
उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हमारे युवाओं के समक्ष सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक, मादक पदार्थों का सेवन है। नशा न केवल व्यक्तियों को, बल्कि परिवारों और पूरे समुदायों को भी तबाह कर देता है। मैं आप सभी से अपील करता हूं, नशे को दृढ़ता से ना कहें।’’
उपराष्ट्रपति ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और हरित प्रौद्योगिकियों के परिवर्तनकारी प्रभाव के बारे में भी बात की।
दीनबंधु छोटू राम को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपराष्ट्रपति ने उन्हें सत्यनिष्ठा, सामाजिक न्याय और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि दीनबंधु छोटू राम ने अपना जीवन किसानों और हाशिए पर पड़े समुदायों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया तथा उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने और गरिमा को बहाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भाषा सुभाष माधव
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