नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी के आनंद विहार बस टर्मिनल क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, पुनर्विकास और रखरखाव के लिए शहरी विकास विभाग के संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में एक विशेष कार्यबल का गठन किया है।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति मधु जैन की पीठ ने कहा कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा तैयार और कार्यबल द्वारा अनुमोदित सौंदर्यीकरण योजना 26 मई को उनके समक्ष रखी जाए। अदालत ने पुलिस को यह सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया कि इस बीच क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनधिकृत (रेहड़ी-पटरी) विक्रय गतिविधि न होने दी जाए।
पीठ ने क्षेत्र में रेहड़ी-पटरी विक्रय गतिविधियों से संबंधित एक याचिका पर पांच मई को दिए एक आदेश में कहा कि कार्यबल में दिल्ली नगर निगम के एक उपायुक्त और एक सहायक आयुक्त शामिल होंगे।
इसमें पीडब्ल्यूडी, दिल्ली परिवहन विभाग, भारतीय रेलवे, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन, क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली (आरआरटीएस), राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग और पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र थाने के प्रभारी (एसएचओ) के मनोनीत अधिकारी भी शामिल होंगे।
अदालत ने टिप्पणी की कि इस मामले में एक कार्यबल की आवश्यकता है, क्योंकि आनंद विहार बस टर्मिनल क्षेत्र का पुनर्विकास किसी एक एजेंसी द्वारा अकेले नहीं किया जा सकता है।
भाषा शुभम सुरेश
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