नयी दिल्ली, 13 मई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि वह 22 मई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें आरोप लगाया गया है कि पश्चिम बंगाल की तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के अन्य अधिकारियों ने आठ जनवरी को कोलकाता में राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक के कार्यालय की तलाशी के दौरान बाधा उत्पन्न की थी।
यह मामला न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से मामले की सुनवाई अगले सप्ताह करने का अनुरोध किया।
पीठ ने कहा कि अदालत के आंशिक कार्य दिवसों के बाद जुलाई में मामले को सूचीबद्ध किया जा सकता है।
शीर्ष विधि अधिकारी ने कहा, ‘‘इसे अगले सप्ताह के लिए सूचीबद्ध किया जाए। इस पर पर्याप्त बहस हो चुकी है।’’
इसके बाद उच्चतम न्यायालय ने मामले की सुनवाई 22 मई के लिए सूचीबद्ध की।
हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर शानदार विजय हासिल की और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत कर दिया।
पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह से चरमरा जाने का आरोप लगाते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने 23 अप्रैल को उच्चतम न्यायालय में दावा किया था कि बनर्जी ने कोलकाता स्थित आई-पैक कार्यालय के खिलाफ चल रही धन शोधन जांच में बाधा डालने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया।
भाषा शफीक प्रशांत
प्रशांत