नयी दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने एनिमेटेड फिल्म ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) की हरी झंडी मिलने के बाद उसकी रिलीज को चुनौती देने वाली ओडिशा सरकार की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची एवं न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष सोमवार को सुनवाई के लिए याचिका का उल्लेख किये जाने पर पीठ इस मामले पर मंगलवार को सुनवाई करने के लिए सहमत हो गई।
ओडिशा सरकार की ओर से पेश हुए महाधिवक्ता पीताम्बर आचार्य ने पीठ के समक्ष याचिका का उल्लेख किया और कहा कि यह एक ‘‘संवेदनशील विषय’’ है और इसे तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया।
महाधिवक्ता ने न्यायालय को बताया, ‘‘यह मामला थोड़ा संवेदनशील है। भगवान श्री जगन्नाथ पर बनी एक एनिमेटेड फ़िल्म कार्टून नेटवर्क ‘पोगो’ चैनल पर प्रसारित की जा रही है… सेंसर बोर्ड से मिली मंजूरी को चुनौती देने वाली मुख्य रिट याचिका उच्च न्यायालय में लंबित है। हमने जगन्नाथ मंदिर समिति की ओर से एक याचिका दायर की है। न्यायमूर्ति नागरत्ना और न्यायमूर्ति महादेवन के समक्ष इस मामले का निस्तारण किया गया है।’’
उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि फिल्म की रिलीज से राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘कृपया इसे कल (मंगलवार) के लिए सूचीबद्ध करें…जगन्नाथ समिति ने भी रिलीज की मंजूरी रद्द करने के लिए केंद्र से अपील की है।’’
इससे पहले, न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने भगवान जगन्नाथ यात्रा के कार्यक्रमों के बाद, 28 जुलाई या उसके बाद इस एनिमेटेड फ़िल्म को पूरे देश में रिलीज़ करने की अनुमति दी थी।
पीठ ने इस बात पर गौर किया कि एनिमेटेड फ़िल्म पहले से यूट्यूब पर उपलब्ध एक वेब सीरीज़ पर आधारित है और सेंसर बोर्ड ने इसके प्रदर्शन की मंज़ूरी दी थी।
हालांकि, पीठ ने रथयात्रा उत्सव के दौरान फ़िल्म को रिलीज़ नहीं करने का निर्देश दिया।
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