अवैध ध्वस्तीकरण मामले में उच्च न्यायालय की फटकार के बाद सूरत नगर आयुक्त का तबादला
अवैध ध्वस्तीकरण मामले में उच्च न्यायालय की फटकार के बाद सूरत नगर आयुक्त का तबादला
अहमदाबाद, 12 अगस्त (भाषा) गुजरात उच्च न्यायालय की उस टिप्पणी के बाद सूरत नगर आयुक्त का तबादला कर दिया गया है जिसमें उसने कहा था कि करीब 100 परिवारों को बेघर करने वाली कथित ‘‘अवैध’’ ध्वस्तीकरण कार्रवाई की जांच के दौरान यदि वरिष्ठ नगर निकाय अधिकारी अपने पदों पर बने रहते हैं तो यह जांच ‘‘महज दिखावा’’ बनकर रह जाएगी।
सूरत के निवर्तमान नगर आयुक्त एम. नागराजन शहर के नासिरनगर में 30 मई को बड़े पैमाने पर चलाए गए ध्वस्तीकरण अभियान को लेकर जांच के दायरे में हैं।
विस्थापित हुए 26 निवासियों ने ध्वस्तीकरण को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था।
गुजरात उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा था कि यदि जांच के दौरान वरिष्ठ नगर निकाय और पुलिस अधिकारी अपने पदों पर बने रहते हैं तो ध्वस्तीकरण की जांच ‘‘महज दिखावा’’ साबित होगी।
अदालत ने कहा था कि 30 मई को इलाके में की गई ध्वस्तीकरण कार्रवाई प्रथम दृष्टया अवैध थी।
गुजरात के सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार देर रात अधिसूचना जारी कर नागराजन का तबादला गांधीनगर में समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक के पद पर करने की घोषणा की। वह इस पद पर रजनीत कुमार की जगह लेंगे।
सूरत के जिलाधिकारी तेजस परमार को नगर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
सरकार ने रजनीत कुमार को गुजरात विद्युत नियामक आयोग का सचिव नियुक्त किया है। वह इस पद का पहले से ही अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।
भाषा
सिम्मी धीरज
धीरज

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