जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध आतंकी ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के आवास की रेकी की : अधिकारी

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जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध आतंकी ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के आवास की रेकी की : अधिकारी

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  • Publish Date - August 4, 2026 / 04:17 PM IST,
    Updated On - August 4, 2026 / 04:17 PM IST

कोलकाता, चार अगस्त (भाषा) जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के संदिग्ध सदस्य हमीम मंडल ने पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के निर्देश पर रची गई एक बड़ी साजिश के तहत कोलकाता में उस इलाके की रेकी की थी, जहां मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का आवास है। यह जानकारी पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार को दी।

अधिकारी ने बताया कि ये खुलासे विशेष कार्यबल (एसटीएफ) द्वारा पिछले सप्ताह पूर्बा बर्धमान से गिरफ्तार किए गए मंडल तथा उसके कथित सहयोगियों -अर्पिता सरकार और आदित्य सिन्हा- से पूछताछ के दौरान हुए।

पुलिस अधिकारी के अनुसार, मंडल को मुख्यमंत्री की गतिविधियों पर नजर रखने, उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने और उनकी सुरक्षा में संभावित खामियों का पता लगाने का काम सौंपा गया था।

उन्होंने बताया कि मंडल मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में कथित तौर पर शामिल हुआ था और इसने चिनार पार्क स्थित मुख्यमंत्री के आवास की रेकी भी की थी।

एसटीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘पूछताछ के शुरुआती चरण में आरोपी ने इलाके में जाने से इनकार किया था। हालांकि, मोबाइल टावर लोकेशन विश्लेषण सहित तकनीकी साक्ष्यों से वहां उसकी मौजूदगी निर्विवाद रूप से साबित हो गई। साक्ष्यों का सामना कराए जाने पर उसने रेकी करने की बात स्वीकार कर ली।’’

एसटीएफ के अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ता इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि मंडल और उसके सहयोगियों ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में संभावित खामियों का पता लगाने के लिए राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ की भी रेकी की थी या नहीं।

उन्होंने कहा, ‘‘हम नबान्न के आसपास उनकी गतिविधियों की पुष्टि के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं। हर सुराग की गहनता से पड़ताल की जा रही है और फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।’’

जांचकर्ताओं को संदेह है कि मंडल ने लंबे समय तक निगरानी रखने के उद्देश्य से शुभेंदु अधिकारी के आवास के निकट किराये पर रहने की व्यवस्था तलाशने की भी कोशिश की थी। हालांकि, अभी यह स्थापित नहीं हो पाया है कि उसने वास्तव में कोई मकान किराये पर लिया था या नहीं।

एसटीएफ का आरोप है कि मंडल के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ‘आईएसआई’ तथा पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क से सीधे संबंध थे।

एसटीएफ अधिकारी ने कहा, ‘‘जांच में आरोपी के सीमा पार से कथित संबंधों के संकेत मिले हैं। हम डिजिटल साक्ष्यों, वित्तीय लेन-देन और संचार रिकॉर्ड की जांच कर पूरी साजिश का खुलासा करने का प्रयास कर रहे हैं। जांच अभी बेहद महत्वपूर्ण चरण में है।’’

एसटीएफ ने आरोप लगाया कि अर्पिता सरकार को ‘हनीट्रैप’ (मोहपाश) में फंसाने की भूमिका सौंपी गई थी, ताकि वह प्रभावशाली राजनेताओं और वरिष्ठ नौकरशाहों से संपर्क स्थापित कर गोपनीय जानकारियां जुटा सके।

जांचकर्ताओं को संदेह है कि यह कथित मॉड्यूल राज्य में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने के उद्देश्य से किसी बड़े विध्वंसक कृत्य को अंजाम देने की योजना बना रहा था और मुख्यमंत्री उसके प्रमुख निशानों में से एक थे।

नबान्न के एक वरिष्ठ नौकरशाह ने बताया कि इन खुलासों के बाद मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था काफी मजबूत कर दी गई है।

एसटीएफ इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या शहजाद भट्टी या पाकिस्तान समर्थित अन्य तत्वों से जुड़ा कोई और नेटवर्क पश्चिम बंगाल में सक्रिय है तथा क्या स्थानीय सहयोगियों या ‘स्लीपर सेल’ ने इस कथित साजिश को रसद संबंधी मदद उपलब्ध कराई थी।

एसटीएफ अधिकारी ने कहा, ‘‘हम इस मॉड्यूल से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच कर रहे हैं और यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या किसी ‘स्लीपर सेल’ या स्थानीय सहयोगी की इसमें कोई भूमिका थी।’’

भाषा रवि कांत सुरेश

सुरेश