(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 19 फरवरी (भाषा) स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति जी.पार्मेलिन ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनके देश का जिनेवा शहर 2027 में एआई समिट के अगले संस्करण की मेजबानी करने के लिए उत्सुक है और इससे डिजिटल नीति में देश की स्थिति मजबूत होगी।
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के दौरान स्विस पवेलियन में पार्मेलिन ने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात ‘शानदार’ रही। वह जहां मीडिया से बात कर रहे थे उसकी पृष्ठभूमि में ‘‘2027 में जिनेवा में मिलते हैं’’ लिखा हुआ था।
पार्मेलिन और मोदी ने एआई इम्पैक्ट समिट से इतर भारत मंडपम में द्विपक्षीय बैठक की। स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि भारत द्वारा आयोजित एआई समिट एक ‘‘ऐतिहासिक घटना’’ है।
पार्मेलिन ने कहा, ‘‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) केवल गति या अनुप्रयोग के बारे में नहीं है, यह लोगों के जीवन पर असाधारण और प्रत्यक्ष प्रभाव डालने की क्षमता के बारे में है।’’
उन्होंने आगे कहा, ‘‘स्विट्जरलैंड 2027 में जिनेवा में एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए उत्सुक है।’’
राष्ट्रपति ने कहा कि शिखर सम्मेलन की मेजबानी से डिजिटल नीति में स्विट्जरलैंड की स्थिति मजबूत होगी और ‘‘नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि होगी’’।
उन्होंने कहा कि इस समिट की मेजबानी से नवाचार और अनुसंधान के अग्रणी केंद्र के रूप में स्विट्जरलैंड की भूमिका और मजबूत होगी।
पार्मेलिन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा,‘‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि स्विट्जरलैंड 2027 में जिनेवा में अगले एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इस शिखर सम्मेलन के साथ, स्विट्जरलैंड एआई के जिम्मेदार उपयोग के साथ-साथ इसके अंतरराष्ट्रीय शासन और विनियमन पर वैश्विक संवाद को आगे बढ़ाने में सक्रिय रूप से योगदान देगा।’’
उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘नयी दिल्ली में भारत द्वारा आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेकर मुझे बेहद खुशी हो रही है। एआई अभूतपूर्व गति से हमारे भविष्य को आकार दे रहा है। यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि सरकारें मिलकर काम करें, ज्ञान का आदान-प्रदान करें और यह सुनिश्चित करें कि एआई से सभी को लाभ मिले।’’
एआई इम्पैक्ट समिट का आयोजन 16 से 21 फरवरी तक भारत मंडपम में किया जा रहा है। इसमें कई राष्ट्राध्यक्ष, 500 से अधिक वैश्विक रूप से एआई के क्षेत्र में अग्रणी दिग्गज, 150 शिक्षाविद और शोधकर्ता, और 400 मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, उपाध्यक्ष और परोपकार कार्यों में संलिप्त लोग हिस्सा ले रहे हैं।
भाषा धीरज प्रशांत
प्रशांत