तमिलनाडु: मदुरै में 107 साल पुराने बरगद के पेड़ की वर्षगांठ मनाई गई

तमिलनाडु: मदुरै में 107 साल पुराने बरगद के पेड़ की वर्षगांठ मनाई गई

तमिलनाडु: मदुरै में 107 साल पुराने बरगद के पेड़ की वर्षगांठ मनाई गई
Modified Date: July 27, 2026 / 04:39 pm IST
Published Date: July 27, 2026 4:39 pm IST

मदुरै, 27 जुलाई (भाषा) पर्यावरण कार्यकर्ताओं और स्थानीय विद्यार्थियों ने मदुरै में 107 साल पुराने बरगद के पेड़ की वर्षगांठ मनाई।

वहीं, करूर जिले में करीब 200 साल पुराना बरगद का एक पेड़ गिर गया, जिससे दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

मदुरै में यह वर्षगांठ समारोह ‘ग्रीन नेचर फेस्टिवल’ के रूप में ‘वाटर बॉडी प्रोटेक्शन मूवमेंट’ और अन्य जनकल्याण ट्रस्ट ने आयोजित किया।

सेल्लूर टैंक के पास सेल्लूर-कुलामंगलम रोड स्थित मीनाक्षीपुरम इलाके में आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व मूवमेंट के संस्थापक अबूबकर ने किया।

बयान के मुताबिक, 107 साल पुराना यह बरगद का पेड़ आसपास के इलाके का एकमात्र सौ साल से अधिक पुराना पेड़ बचा है।

इससे पहले सड़क चौड़ीकरण और पार्क निर्माण के लिए कम से कम सात अन्य बरगद के पेड़ काटे जा चुके हैं।

कार्यकर्ता वर्ष 2019 से हर साल इस पेड़ की वर्षगांठ मनाते आ रहे हैं, ताकि भविष्य की विकास परियोजनाओं के लिए इसे काटे जाने से बचाया जा सके।

स्थानीय लोगों और राजाजी मिडिल स्कूल के विद्यार्थियों ने एकत्र होकर केक काटा, मिठाइयां बांटीं और प्रकृति की रक्षा करने की शपथ ली।

पेड़ को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया।

कार्यक्रम के आयोजकों ने इसमें शामिल विद्यार्थियों को नोटबुक और पौधे भी वितरित किए।

इस दौरान संरक्षण कार्यकर्ताओं ने बताया कि कौओं, कबूतरों और कोयलों का बसेरा बने इस पेड़ पर अब भी खतरा मंडरा रहा है।

उन्होंने कहा कि पेड़ के आसपास फेंके गए कचरे को जलाने से उसे नुकसान पहुंच रहा है।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि इसके अलावा, बिजली के तारों के लिए बिजली बोर्ड के कर्मचारी अक्सर इसकी शाखाएं काट देते हैं, इतना ही नहीं स्थानीय त्योहारों के दौरान पटाखों के शोर से होने वाला ध्वनि प्रदूषण भी इस पेड़ के लिए खतरा बना हुआ है। वहीं, करूर जिले के कुलिथलाई क्षेत्र में करीब 200 साल पुराना बरगद का एक पेड़ गिर गया, जिसकी चपेट में आने से दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

भाषा जितेंद्र नेत्रपाल

नेत्रपाल


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