तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री के आरोपों पर हंगामा, द्रमुक विधायकों को सदन से बाहर निकाला गया

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तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री के आरोपों पर हंगामा, द्रमुक विधायकों को सदन से बाहर निकाला गया

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  • Publish Date - September 8, 2026 / 10:55 AM IST,
    Updated On - September 8, 2026 / 10:55 AM IST

चेन्नई, आठ सितंबर (भाषा) तमिलनाडु विधानसभा में मंगलवार को उस समय हंगामा हो गया जब द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के उस बयान को सदन की कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटाने की मांग की जिसमें उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।

द्रमुक विधायकों ने इसके साथ ही नारेबाजी की, जिसके बाद मुख्य विपक्षी दल के कई विधायकों को सदन से बाहर निकाल दिया गया।

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही द्रमुक के सचेतक ई वी वेलु ने सोमवार को विजय द्वारा दिए गए बयान का हवाला देते हुए मांग की कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े मुख्यमंत्री के संदर्भों को सदन के रिकॉर्ड से हटाया जाए, क्योंकि यह सदन के नियमों के विरुद्ध है।

वेलु ने सरकारिया आयोग के संदर्भों पर भी आपत्ति जताई और कहा कि आयोग ने माना था कि कोई अपराध नहीं हुआ था।

कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार ने सरकारिया आयोग की रिपोर्ट और ईडी के आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर मुख्यमंत्री के बयान का बचाव किया। उन्होंने तत्कालीन द्रमुक सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को भी दोहराया।

द्रमुक सदस्यों ने इसका विरोध किया।

विधानसभा अध्यक्ष जे सी डी प्रभाकर ने मुख्यमंत्री की टिप्पणियों को सदन के रिकॉर्ड से हटाने की मांग खारिज कर दी, जिसके बाद द्रमुक विधायकों की नारेबाजी जारी रही।

द्रमुक के कई विधायक अध्यक्ष के आसन के सामने एकत्र हो गए और अपनी मांग दोहराते हुए नारेबाजी करते रहे।

सदन के नेता के. ए. सेंगोट्टैयन ने सदन के नियमों के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने मार्शलों को द्रमुक विधायकों को सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया।

विधानसभा कक्ष से बाहर ले जाए जाते समय भी द्रमुक विधायक इस मुद्दे पर नारेबाजी करते रहे।

भाषा गोला सिम्मी

सिम्मी