दिल्ली इमारत हादसा: छात्रों ने बचाव दलों के लिए भोजन, जरूरी सामान जुटाया

Ads

दिल्ली इमारत हादसा: छात्रों ने बचाव दलों के लिए भोजन, जरूरी सामान जुटाया

  •  
  • Publish Date - September 8, 2026 / 12:17 PM IST,
    Updated On - September 8, 2026 / 12:17 PM IST

नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की घटना के बाद मैत्रेयी कॉलेज के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) से जुड़े छात्रों और स्वयंसेवकों ने बचाव एवं राहत कार्य में जुटे कर्मियों, वहां से निकाले गए छात्रों तथा अन्य प्रभावित लोगों के लिए भोजन और जरूरी सामान उपलब्ध कराने की पहल की।

स्वयंसेवकों ने सोमवार को घटनास्थल पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और अन्य एजेंसियों के कर्मियों के अलावा आसपास की इमारतों से निकाले गए छात्रों के बीच बिस्कुट, स्नैक्स, जूस और पेयजल वितरित किया।

उन्होंने सैनिटरी पैड, साफ कपड़े, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान के लिए लोगों से दान देने की अपील भी की। स्वयंसेवकों ने कहा कि एकत्र की गई सामग्री घटना से प्रभावित छात्रों और अन्य जरूरतमंद लोगों के बीच वितरित की जाएगी।

मैत्रेयी कॉलेज की तीसरे वर्ष की छात्रा नेहा ने कहा, ‘‘हमने देखा कि कुछ छात्रों को इमारतों से बाहर निकाला गया था और घटनास्थल पर लोग कई घंटों से काम कर रहे थे। इसलिए हमने अपनी क्षमता के अनुसार मदद करने का फैसला किया। हमने सैनिटरी पैड, कपड़े, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान एकत्र करना भी शुरू किया और इन्हें जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जाएगा।’’

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में स्थित यह इमारत रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे मरम्मत कार्य के दौरान ढह गई। इसमें लड़कों का ‘पेइंग गेस्ट’ (पीजी) आवास था। इमारत के मलबे से 12 लोगों को निकाला गया जिनमें से सात की मौत हो गई।

भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने सोमवार को अपने सहयोगियों के साथ घटनास्थल का दौरा किया और राहत कार्य में जुटे लोगों के लिए भोजन तथा जरूरी सामान की व्यवस्था की।

चिब ने कहा, ‘‘मुश्किल समय में जरूरतमंद लोगों के साथ खड़ा होना और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। इस कठिन घड़ी में हम एकजुट हैं और यह सुनिश्चित करेंगे कि जरूरतमंद हर व्यक्ति तक मदद पहुंचे।’’

भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (आइसा) समेत अन्य छात्र संगठनों के स्वयंसेवकों ने भी घटनास्थल पर राहत कार्य में हिस्सा लिया तथा हादसे से प्रभावित छात्रों और अन्य लोगों की सहायता की।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव