(तस्वीरों के साथ)
करूर (तमिलनाडु), 10 जुलाई (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने पिछले वर्ष करूर में हुई भगदड़ की दुखद घटना से ‘‘राजनीतिक लाभ’’ उठाने की कोशिश की और उन्हें जिले का दौरा करने से भी रोका।
पिछले वर्ष हुई भगदड़ की घटना के बाद पहली बार यहां आए विजय ने पुलिस की भी आलोचना करते हुए कहा कि उसने 27 सितंबर को तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की सभा के आयोजन स्थल पर उन्हें बढ़ती भीड़ के बारे में न तो आगाह किया और न ही भीड़ के बेकाबू होने पर सभा रद्द करने का कोई कदम उठाया।
विजय ने कहा, ‘‘पुलिस हमें बता सकती थी कि भीड़ लगातार बढ़ रही है और उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो गया है। पुलिस के पास सभा रद्द करने का पूरा अधिकार था। लेकिन ऐसा करने के बजाय पुलिस हमें अपनी सुरक्षा में राजमार्ग तक ले गई।’’
मई में मुख्यमंत्री पद संभालने वाले विजय 2025 में करूर जाकर भगदड़ से पीड़ित 41 परिवारों से नहीं मिल सके थे। बाद में उन परिवारों को चेन्नई के पास लाया गया, जहां उन्होंने स्वयं उनसे मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।
शुक्रवार को आयोजित सभा में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे पुलिस पर पूरा भरोसा था। मैंने मंच से पुलिस का धन्यवाद भी किया था। मुझे उस समय इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई का पता नहीं था। यह सब किसकी जिम्मेदारी थी? किसके निर्देश पर यह सब किया गया?’’
विजय ने उस समय सत्ता में रही द्रमुक का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘उन्होंने इस त्रासदी से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि करूर भगदड़ से उन्हें काफी पीड़ा हुई।
उन्होंने कहा, ‘‘2025 की करूर भगदड़ में हमारी बहनों ने अपने बच्चों को खो दिया।’’
काले रंग के परिधान में पहुंचे मुख्यमंत्री विजय ने घोषणा की कि उनकी पार्टी टीवीके करूर भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में एक स्मारक का निर्माण कराएगी।
इसके बाद उन्होंने करूर में रोड शो भी किया। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग उनके स्वागत के लिए मौजूद थे। विजय ने हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया।
भाषा गोला नरेश
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