(Whatsapp Username Feature/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: Whatsapp Username Feature: Meta के मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp के नए Username फीचर को लेकर सरकार और कंपनी के बीच चर्चा जारी है। इस फीचर के जरिए यूजर्स बिना मोबाइल नंबर साझा किए एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे। लेकिन इस सुविधा को लेकर केंद्र सरकार ने सुरक्षा और साइबर अपराध से जुड़ी चिंता जताई है। इसी वजह से 1 जुलाई को सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्रालय ने WhatsApp को नोटिस भेजकर इस फीचर पर विस्तृत जवाब मांगा था और सरकार ने मेटा से कहा था कि जब तक इस मामले पर बातचीत पूरी नहीं हो जाती तब तक Username फीचर रोल आउट न करे। अब कंपनी ने सरकार को अपना जवाब सौंप दिया है और मंत्रालय इसकी जांच कर रहा है।
सरकार का मानना है कि Username फीचर का गलत इस्तेमाल करके साइबर अपराधी लोगों को आसानी से निशाना बना सकते हैं। खासकर ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट जैसे स्कैम और किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान का गलत इस्तेमाल करने की आशंका बढ़ सकती है। इसी कारण सरकार ने Meta से पूछा था कि इस फीचर को लागू करने से पहले यूजर्स की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। साथ ही कंपनी को याद दिलाया गया कि उसे IT कानून के तहत जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा।
कंपनी का कहना है कि Username फीचर को कई सुरक्षा उपायों के साथ पेश किया जाएगा। किसी यूजर को मैसेज भेजने के लिए उसका सही यूजरनेम पता होना जरूरी होगा। इसके अलावा एक अकाउंट कितने नए लोगों से संपर्क कर सकता है इसकी भी सीमा तय की जाएगी। बार-बार यूजरनेम का अनुमान लगाने की कोशिशों को रोका जाएगा और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। WhatsApp यह भी दिखाएगा कि मैसेज भेजने वाला नया यूजर है, कॉन्टैक्ट है, किसी कॉमन ग्रुप का सदस्य है या किसी दूसरे देश से जुड़ा है।
सूत्रों के मुताबिक, IT मंत्रालय को WhatsApp का जवाब मिल चुका है और अब उसकी विस्तार से समीक्षा की जा रही है। इससे पहले Meta के प्रतिनिधियों ने मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात भी की थी। वहीं, अधिकारियों ने बताया कि Telegram और Signal जैसे अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से भी इसी विषय पर जवाब मांगा गया है और उनके जवाब का इंतजार किया जा रहा है।
सरकार WhatsApp से कहा है कि जब तक इस मामले में सभी सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिल जाते, तब तक Username फीचर को लॉन्च करने में सावधानी बरती जाए। आने वाले समय में मंत्रालय की जांच के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा। यदि सरकार सुरक्षा उपायों से संतुष्ट होती है तभी इस फीचर को लेकर अगला कदम उठाया जा सकता है। फिलहाल इस पूरे मामले पर टेक इंडस्ट्री और करोड़ों WhatsApp यूजर्स की नजर टिकी हुई है।