कांग्रेस की तमिलनाडु इकाई छह जुलाई की बैठक में अपनी भावी रणनीतियों पर करेगी चर्चा

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कांग्रेस की तमिलनाडु इकाई छह जुलाई की बैठक में अपनी भावी रणनीतियों पर करेगी चर्चा

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  • Publish Date - July 5, 2026 / 06:45 PM IST,
    Updated On - July 5, 2026 / 06:45 PM IST

चेन्नई, पांच जुलाई (भाषा) कांग्रेस की तमिलनाडु इकाई के प्रमुख मणिकम टैगोर ने रविवार को कहा कि राज्य में उसकी भावी राजनीतिक रणनीतियों, स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियों और संगठन के विस्तार पर चर्चा करने के लिए पार्टी की कार्यकारिणी समिति की अहम बैठक छह जुलाई को होगी।

टैगोर ने यहां प्रेसवार्ता में कहा कि बैठक में, पार्टी का जनाधार बढ़ाने तथा लंबे समय के लिए टीवीके और वीसीके के साथ अपने धर्मनिरपेक्ष गठबंधन को मजबूती प्रदान करने की स्पष्ट योजनाएं तैयार की जाएंगी।

उन्होंने कहा, ‘‘बैठक में कांग्रेस पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। इसमें स्थानीय निकाय चुनाव और संगठन के विस्तार से जुड़ी अहम घोषणाएं की जाएंगी। हमारा गठबंधन जन-कल्याण और सामाजिक न्याय पर आधारित है तथा हम इसे अगले स्तर पर ले जाने के तरीकों पर चर्चा कर रहे हैं।’’

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के सिलसिले में केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘यह सभी के लिए एक बहुत बड़ा झटका है। (राम मंदिर) ट्रस्ट प्रमुख की नाक के नीचे एक बड़ा संगठित भ्रष्टाचार हुआ है, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करीबी हैं। फिर भी, प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के भाजपा नेता इस पर चुप्पी साधे हुए हैं।’’

उन्होंने मंदिर ट्रस्ट को ‘सूचना का अधिकार’ कानून के दायरे से बाहर रखने के सरकार के कदम की आलोचना की। उन्होंने इसकी तुलना तमिलनाडु के ‘हिंदू धार्मिक और धमार्थ धर्मादा’ विभाग से की, जो जनता की निगरानी के जरिए जवाबदेही सुनिश्चित करता है।

टैगोर ने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने आर्लेकर पर ‘‘भाजपा के एजेंट’’ के तौर पर काम करने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कहने पर लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकारों को कमज़ोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

उनकी यह टिप्पणी राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि कुछ ही दिन पूर्व मदुरै सर्किट हाउस में आर्लेकर ने सरकारी अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी जिससे विवाद पैदा हो गया था।

इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना राज्यपाल द्वारा बुलाई गई ऐसी समीक्षा बैठकों में शामिल न हों।

भाषा

राजकुमार सुभाष

सुभाष