टीबीएम ‘दिव्या’ ने विक्टोरिया मेट्रो स्टेशन पर खुदाई का काम पूरा करके बड़ी सफलता हासिल की

टीबीएम ‘दिव्या’ ने विक्टोरिया मेट्रो स्टेशन पर खुदाई का काम पूरा करके बड़ी सफलता हासिल की

टीबीएम ‘दिव्या’ ने विक्टोरिया मेट्रो स्टेशन पर खुदाई का काम पूरा करके बड़ी सफलता हासिल की
Modified Date: August 11, 2026 / 05:37 pm IST
Published Date: August 11, 2026 5:37 pm IST

कोलकाता, 11 अगस्त (भाषा) टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ‘दिव्या’ ने मंगलवार को विक्टोरिया मेट्रो स्टेशन पर खुदाई का काम पूरा करके बड़ी सफलता हासिल की। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

इसके साथ ही जोका-एस्प्लेनेड कॉरिडोर में खिदिरपुर और विक्टोरिया के बीच दूसरी सुरंग का निर्माण पूरा हो गया।

यह सफलता दोपहर करीब 12 बजे मेट्रो रेलवे के महाप्रबंधक प्रेम सागर गुप्ता और मेट्रो रेलवे, रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल), लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हासिल की गई।

जोका-एस्प्लेनेड गलियारे का निर्माण दो टीबीएम ‘दुर्गा’ और ‘दिव्या’ की मदद से किया जा रहा है। ये मशीनें खिदिरपुर और पार्क स्ट्रीट के बीच 2.65 किलोमीटर लंबी दो सुरंगों के निर्माण में इस्तेमाल की जा रही हैं।

‘दुर्गा’ ने पहले खिदिरपुर की ओर से सुरंग की खुदाई करते हुए विक्टोरिया स्टेशन तक पहुंचकर काम पूरा किया था, जबकि ‘दिव्या’ जोका की ओर जाने वाली सुरंग की खुदाई कर रही थी।

खिदिरपुर-विक्टोरिया हिस्से में ये टीबीएम जमीन से करीब 17 मीटर नीचे काम कर रही हैं।

‘दुर्गा’ पार्क स्ट्रीट की ओर काम कर रही है, जबकि ‘दिव्या’ का इस्तेमाल जोका की ओर जाने वाली लाइन की खुदाई के लिए किया जा रहा है।

चेन्नई में बनाई गई ये दोनों नयी पीढ़ी की टीबीएम करीब 95 मीटर लंबी हैं और प्रत्येक का वजन लगभग 600 टन है।

मेट्रो रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि ये मशीनें प्रति मिनट करीब 80 मिलीमीटर की दर से खुदाई कर सकती हैं।

भाषा जोहेब नरेश

नरेश


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