छत्रपति संभाजीनगर, 12 मई (भाषा) महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने मंगलवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) पार्षद मतीन पटेल पर ‘दोहरे मापदंड’ अपनाने का आरोप लगाया जिसके खिलाफ नासिक टीसीएस यौन उत्पीड़न-जबरन धर्मांतरण मामले की आरोपी निदा खान को शरण देने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
निदा खान को सात मई को मध्य महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का दावा है कि पटेल ने उसे शरण दी थी।
नौ मई को छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम ने पटेल को शहर में कथित ‘अवैध’ निर्माण के संबंध में नोटिस जारी करके 72 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में कहा गया है कि यदि पटेल की ओर से कोई जवाब नहीं मिलता है, तो निगम को मकान के संबंध में निर्णय लेने का अधिकार होगा।
एआईएमआईएम के एक नेता ने पहले कहा था कि पटेल इस मामले में अदालत का रुख करेंगे।
एआईएमआईएम और उसके पार्षद को निशाना बनाते हुए शिरसाट ने पत्रकारों से कहा, ‘निदा खान कथित तौर पर मतीन पटेल के आवास में अपने रिश्तेदारों के साथ रह रही थी। नगर निगम ने उन्हें नोटिस जारी किया है। एक तरफ मतीन और उनके लोग कहते हैं कि यह घर उनका नहीं है और दूसरी तरफ वे निगम के खिलाफ अदालत जाने की योजना बना रहे हैं। यह उनके दोहरे मापदंड को दर्शाता है।’’
सामाजिक न्याय मंत्री ने नगर निगम से अतिक्रमण मामले पर कार्रवाई करने की अपील करते हुए कहा कि नोटिस अवधि समाप्त हो चुकी है।
शिरसाट ने दावा किया कि निदा खान महज एक ‘वेतनभोगी कर्मचारी’ थी और उन्होंने धर्मांतरण रैकेट में एक राजनीतिक दल की संलिप्तता का आरोप लगाया।
उन्होंने एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को भी निशाना बनाया जिन्होंने कहा था कि टीसीएस मामले की आरोपी निदा खान के साथ उनकी पार्टी को जोड़ना गलत है और दावा किया था कि निदा खान अदालत में निर्दोष साबित होंगी।
उन्होंने कहा, ‘‘ओवैसी एक वकील हैं, तो क्या उन्हें कानून की जानकारी नहीं है?’’
नासिक पुलिस का एक विशेष जांच दल (एसआईटी) टीसीएस की नासिक इकाई में छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार के नौ मामलों की जांच कर रहा है।
खान पर व्हाट्सऐप ग्रुप में कर्मचारियों को निशाना बनाने, उन पर नमाज पढ़ने और मांसाहारी भोजन खाने का दबाव डालने का आरोप है। प्राथमिकी के अनुसार, उसने कथित तौर पर महिला कर्मचारियों को इस्लामी परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने और व्यवहार करने की सलाह भी दी थी।
टीसीएस ने स्पष्ट किया है कि उसने लंबे समय से किसी भी प्रकार के उत्पीड़न और जबरदस्ती के प्रति बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाई है और नासिक कार्यालय में यौन उत्पीड़न में कथित रूप से शामिल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
इस बीच, शिरसाट ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मितव्ययिता की अपील का समर्थन करते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने भी ऐसा ही किया था। उन्होंने कहा, ‘विपक्ष को प्रधानमंत्री मोदी की अपील को लेकर इतना बड़ा मुद्दा बनाने की कोई जरूरत नहीं है। प्रधानमंत्री ने देश में संभावित समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह अपील की है। उन्होंने जो कहा है वह मंत्रियों से लेकर आम जनता तक, सभी पर लागू होता है। पिछली सरकारों ने भी ऐसी अपीलें की थीं।’’
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर देते हुए कि केंद्र सरकार पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रतिकूल प्रभाव से लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है, अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग के साथ ही सोने की खरीद और विदेश यात्रा को स्थगित करने सहित अन्य उपायों का आह्वान किया है।
भाषा अमित नरेश
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