हैदराबाद, 11 मई (भाषा) तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार को डीजीपी सी.वी. आनंद को निर्देश दिया कि वह केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत दर्ज मामले की गहन जांच के लिए विशेष टीमें गठित करें। केंद्रीय मंत्री के बेटे पर एक नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न करने का आरोप है।
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से स्पष्टीकरण मांगा कि आठ मई को शिकायत दर्ज होने के बावजूद “कोई कार्रवाई” क्यों नहीं की गई।
खबरों के मुताबिक, डीजीपी ने बताया कि पुलिस अधिकारी और कर्मी 10 मई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हैदराबाद यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था में व्यस्त थे।
रेड्डी ने आनंद को निर्देश दिया कि केंद्रीय मंत्री के बेटे के खिलाफ पेट बशीरबाद पुलिस थाने में दर्ज मामले की जांच तुरंत शुरू की जाए।
यह मामला 17 वर्षीय लड़की के यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद दर्ज किया गया था – हालांकि आरोपी ने इस आरोप से इनकार किया है और बदले में आरोप लगाने वाली लड़की और उसके माता-पिता पर जबरन वसूली करने तथा आपराधिक धमकी देने का आरोप लगाया है।
लड़की की मां के अनुसार, कुमार के बेटे भागीरथ ने उनकी बेटी का “यौन उत्पीड़न” किया था, जिसका कथित तौर पर उसके साथ करीबी संबंध था।
पुलिस ने बताया कि कथित संबंध लगभग सात से आठ महीने पहले शुरू हुए थे।
इसी बीच, भागीरथ ने करीमनगर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने आरोप लगाया कि उसकी परिचित लड़की उसे पारिवारिक समारोहों और सामूहिक सभाओं में आमंत्रित करती थी।
भागीरथ की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई।
शिकायत में भागीरथ ने बताया कि लड़की के परिवार को भरोसेमंद मानते हुए, वह अपने दोस्तों के एक समूह के साथ कुछ धार्मिक स्थलों की यात्रा पर गया था।
उसने आगे आरोप लगाया कि लड़की और उसके माता-पिता ने बाद में उस पर शादी करने का दबाव डाला। जब उसने प्रस्ताव ठुकरा दिया, तो लड़की के माता-पिता ने कथित तौर पर पैसे की मांग की और धमकी दी कि अगर उसने पैसे नहीं दिए तो वे उसके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज करा देंगे।
भागीरथ ने यह आरोप भी लगाया कि डर के मारे उसने लड़की के पिता को 50,000 रुपये दे दिए, लेकिन परिवार ने बाद में पांच करोड़ रुपये की मांग की। उसने यह भी दावा किया कि परिवार ने धमकी दी कि अगर उसने पैसे नहीं दिए तो लड़की की मां आत्महत्या कर लेगी।
विज्ञप्ति में कहा गया कि मामले का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए, तेलंगाना राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सोमवार को साइबराबाद पुलिस आयुक्त को मामले की जांच करने, तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने और प्राथमिकता के आधार पर स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया
आयोग ने इस मामले में मीडिया में आयी खबरों का स्वत: संज्ञान लिया और निर्देश जारी किए।
भाषा प्रशांत संतोष
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