नयी दिल्ली, 17 जनवरी (भाषा) कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर स्थित श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (एसएमवीडीआईएमई) में एमबीबीएस पाठ्यक्रम के संचालन की अनुमति रद्द किए जाने के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर शनिवार को निशाना साधा और इसे “शिक्षा का सांप्रदायिकरण” करार दिया।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने जनवरी की शुरुआत में, न्यूनतम मानकों का अनुपालन न करने और संकाय सदस्यों की संख्या, नैदानिक सामग्री तथा बुनियादी ढांचे में व्यापक कमियों का हवाला देते हुए जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित कॉलेज को दी गई अनुमति रद्द कर दी थी।
कांग्रेस महासचिव और जम्मू-कश्मीर प्रभारी सैयद नसीर हुसैन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर “शिक्षा के सांप्रदायिकरण” का आरोप लगाया।
उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “जम्मू-कश्मीर के वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज में छात्रों का प्रवेश नीट (राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा) के आधार पर हुआ। अंतिम प्रवेश सूची में मुस्लिम छात्रों की संख्या अधिक थी; 50 छात्रों में से 42 मुस्लिम समुदाय के थे। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि उस क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय की आबादी अधिक है। काउंसलिंग के दौरान, अधिकांश छात्रों ने अपने ही क्षेत्र के कॉलेज को चुना, ताकि वे घर के पास रह सकें।”
हुसैन ने कहा कि एनएमसी ने इस कॉलेज की अनुमति पूरी तरह से रद्द कर दी है।
उन्होंने कहा, “ऐसी स्थिति में सवाल उठता है कि क्या इस कॉलेज को लाइसेंस देने से पहले उचित निरीक्षण नहीं किया गया था? क्या लाइसेंस देने से पहले सभी नियमों का पालन नहीं किया गया था? आपको बता दें कि हिंदुस्तान में ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां बड़ी संख्या में अन्य समुदायों के बच्चे मुस्लिम या ईसाई कॉलेजों में पढ़ते हैं।”
कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज का अचानक निरीक्षण क्यों किया गया, इसकी शिकायत किसने की और क्या सार्वजनिक रूप से दबाव बनाए जाने के कारण कॉलेज के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई।
उन्होंने पूछा, “क्या हालात इतने गंभीर थे कि पूरे मेडिकल कॉलेज को बंद करना पड़ा? क्या परीक्षा प्रणाली के बारे में कोई जानकारी नहीं ली गई थी? सितंबर 2025 में मेडिकल कॉलेज को एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए अनुमति दी गई थी, तो क्या उससे पहले बुनियादी ढांचे से संबंधित कोई निरीक्षण नहीं किया गया था?”
हुसैन ने सवाल किया कि क्या प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), आयकर विभाग (आईटी) और निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की तरह ही राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग का भी दुरुपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने मेडिकल कॉलेज को फिर से खोलने की मांग की।
भाषा पारुल पवनेश
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