अदालत ने शादी कर रहे अलग धर्मों के लड़का-लड़की को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने का आदेश दिया

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अदालत ने शादी कर रहे अलग धर्मों के लड़का-लड़की को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने का आदेश दिया

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  • Publish Date - April 11, 2022 / 09:17 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:25 PM IST

अहमदाबाद, 11 अप्रैल (भाषा) गुजरात उच्च न्यायालय ने दो अलग धर्मों से ताल्लुक रखने वाले एक जोड़े को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश पुलिस को दिया है जो लड़की के माता-पिता की इच्छा के खिलाफ शादी करना चाहते हैं।

न्यायमूर्ति सोनिया गोकणी और न्यायमूर्ति मौना भट्ट की खंडपीठ ने पिछले सप्ताह जारी आदेश में कहा कि महिला अदालत में पेश हुई थी और उसने दूसरे धर्म के व्यक्ति से शादी करने की इच्छा जताई है। पीठ के अनुसार महिला ने कहा कि वे दोनों एक-दूसरे का धर्म नहीं बदलवाना चाहते।

लड़की की मां ने अपनी बेटी को अगवा किए जाने की आशंका जताते हुए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी।

अदालत ने कहा कि लड़का और लड़की पड़ोसी हैं तथा उनके परिवार के सदस्यों के बीच दोस्ताना संबंध थे, लेकिन इसके बावजूद लड़की के माता-पिता उसके फैसले से नाराज हो गए और उनकी शादी को कबूल करने को तैयार नहीं हैं।

अदालत ने कहा कि जोड़ा विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत शादी के लिए अर्जी दाखिल करना चाहता है। अदालत ने आदेश दिया, ‘‘दोनों को और प्रतिवादी (लड़के) के परिवार को शुरू में चार महीने के लिए सुरक्षा प्रदान की जाएगी।’’

इसने कहा कि यदि दोनों आगे भी अहमदाबाद में ही रहते हैं तो पुलिस आयुक्त चार महीने बाद निर्णय लेंगे कि इस तरह की सुरक्षा जारी रखनी है या नहीं।

भाषा वैभव नेत्रपाल

नेत्रपाल